फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानें नौजवानों के बारे में क्या सोचते हैं मोदी

Mon, 19 Dec 2016 08:27 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
कानपुर में रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
‘ऐसा लग रहा है कि आने वाले चुनाव में उत्तर प्रदेश का हर युवा परिवर्तन का संकल्प पूर्ण करने के लिए जी जान से जुट गया है।  नौजवानों के हाथ में हुनर आ जाये तो ये नौजवान भारत को नई ऊर्जा और विकास की नई उड़ान दे सकते हैं।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के बारे में सोमवार को कानपुर में अपनी सोच जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत आज सौभाग्यशाली है क्योंकि भारत के पास 35 से कम आयु के लोगों की संख्या 65 प्रतिशत से ज्यादा है। जो देश नौजवान हो, जिस देश के पास ऊर्जावान युवा हैं वो देश दुनिया के सामने अपनी ताकत का परिचय करा सकता है। लेकिन ये तभी संभव हो पायेगा जब युवा के पास हुनर होगा। ऐसे होने से भारत में गरीबी को खत्म करने में देर नहीं लग सकती है। ये ताकत मेरे देश के युवा में हैं। सामान्य लोग भी चुप बैठने वाले नहीं हैं गुंडा गर्दी करने वालों को उखाड़ फेंकेंगे। हिंदुस्तान का नेक दिल इंसान परिवर्तन लाएगा ये मैं साफ देख रहा हूं। 
विज्ञापन

8 नवंबर को हमने नोटबंदी का निर्णय किया। आप जानते हैं। कैसे-कैसे लोगोें के पसीने छूट गये हैं जिन्होंने गरीबों को लूटा है। वे सभी आज परेशानियां झेल रहे हैं। गरीबों के घर में जाकर कतार लगाकर खड़े हो गये थे मेरे पैसे रखलो ताकि मैं बच जाऊं।  जब हजार की नोट थी तब सौ की नोट को कोई पूछता नहीं है। आज सौ वाले लोगों की ताकत बढ़ गई है। अब छोटे लोगों और छोटे नोटों को भी पूछा जा रहा है।  यही बदलाव आया है। उत्तर प्रदेश के 1500 गांव ऐसे हैं जहां 21वीं सदी में भी बिजली का खंभा और तार नहीं पहुंचा। ऐसा क्यों। एक हजार दिन में हिंदुस्तान के 18 हजार गांव जिसनमें यूपी के 1500 गांव हैं 1000 दिन में बिजली पहुंचा दूंगा। आज संतोष के साथ कहना चाहता हूं जो डेढ़ हजार गांव थे उसमें 70-72 गांव बाकी जिसमें अभी बिजली नहीं पहुंची। कई गांव तो कागज में ही चल रहे हैं। यहां की सरकार रुकावट न डाले तो सभी कुछ हम बेहतर कर सकते हैं। ये लड़ाई देश के ईमानदारों की लड़ाई है गरीबों की लड़ाई ये लड़ाई हम जीत के रहेंगे। देश ईमानदारी की लड़ाई जीतना चाहता है। इतना बड़ा कारोबार नोटों का लोगों को क्या कुछ सहना पड़ा है इसका मुझे ध्यान है। आपने जो भी 8 नवंबर से आजतक कष्ट झेले हैं वो अपने स्वार्थ के लिये नहीं देश के स्वार्थ के लिये झेला है।  आपको निराश होने का अवसर नहीं आयेगा इसके बाद ईमानदारी पवित्रता प्रमाणिकता आयेंगी। मैने पहले दिन से कहा है कि 50 दिन तक ये कठिनाई आती रहे गी। 50 दिन के बाद ये कठिनाईयां बढ़ेंगी नहीं कम होने की शुरुआत हो जायेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें