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UP: जुए की लत ने बनाया कर्जदार, भाई का अपहरण किया और मार डाला; महिला दोस्त के साथ मिलकर किया था ये घिनौना काम

Wed, 18 Feb 2026 02:58 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जालौन

सार

यूपी के जालौन में पांच लाख की उधारी से बचने के लिए फुफेरे भाई की हत्या कर दी गई। महिला समेत छह लोग गिरफ्तार किए गए हैं। नदीगांव से अपहरण किया था। शिक्षक झांसी का रहने वाला था। आरोपी ने ब्लैकमेल करने के लिए महिला मित्र के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाने का भी प्रयास किया था।
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jalaun murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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जालौन के उरई में उधार लिए पांच लाख रुपये न देने पड़े इसलिए शिक्षक फुफेरे भाई राघवेंद्र (38) का कृष्ण पाल उर्फ कुलदीप ने साथियों के साथ मिलकर नदीगांव से अपहरण किया। मप्र के सेंवढ़ा ले जाकर पहले तो महिला मित्र सोनिया के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाने के लिए मजबूर किया। 
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शिक्षक ने इसका विरोध किया तो अन्य साथियों के साथ मिलकर डाटा केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में फेंक दिया। सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

10 फरवरी को नदीगांव के जूनियर हाईस्कूल परासनी में तैनात झांसी के शिवाजी नगर निवासी सहायक अध्यापक राघवेंद्र लापता हो गए। उनकी मां रामवती ने 11 फरवरी को नदीगांव थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिक्षक की तलाश के लिए पुलिस ने एसओजी सहित तीन टीमों का गठन किया था। 
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इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि मध्य प्रदेश के दतिया जिले के सेंवढ़ा थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला है। उसे वहां की पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद लावारिस हालत में दफन करवा दिया था। जांच करने पर पता चला कि यह शव राघवेंद्र का ही था।

 

तहकीकात में पुलिस को पता चला कि शिक्षक की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें कृष्ण पाल उर्फ कुलदीप (मृतक के मामा का लड़का), रिंकू, नीशू वर्मा, राजकुमार, अभि उर्फ निगम वर्मा और सोनिया उर्फ कुटकुट शामिल हैं।

 

थैली में शिक्षक के सर्विस इयर बुक से संबंधित सरकारी दस्तावेज बरामद हुए
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से एक कार, एक स्कूटी, एक पिस्तौल, दो कारतूस, दो डाटा केबल, एक मफलर और एक थैली में शिक्षक के सर्विस इयर बुक से संबंधित सरकारी दस्तावेज बरामद हुए हैं। यह दस्तावेज शिक्षक राघवेंद्र के पास थे, जिन्हें आरोपियों ने हत्या के बाद अपने कब्जे में ले लिया था।

 

जुए की लत ने बनाया देनदार, किया भाई का अपहरण और हत्या
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कृष्ण पाल जुआ खेलने और शराब पीने का आदी था और उस पर कई लोगों का कर्ज था। उसने राघवेंद्र से भी लगभग पांच लाख रुपये उधार लिए थे। राघवेंद्र उससे बार-बार पैसे मांग रहा था। इससे कृष्ण पाल परेशान था और देनदारी से बचने के लिए उसने यह कदम उठाया। उसने राघवेंद्र को रुपये लौटाने के बहाने नदी गांव क्षेत्र से अगवा कर लिया। 

 

कृष्ण पाल और उसके साथी राघवेंद्र को हुंडई कार में बैठाकर दोस्त नीशू वर्मा के सेंवढ़ा के पास बने ट्यूबवेल पर ले गए। वहां सभी ने शराब पी और राघवेंद्र को भी जबरन शराब पिलाई। इसके बाद उन्होंने सोनिया उर्फ कुटकुट के साथ मिलकर राघवेंद्र का आपत्तिजनक वीडियो और फोटो बनाए, ताकि उसे डराया जा सके और वह पैसों की मांग न करे। हालांकि राघवेंद्र ने इसका विरोध किया। 

 
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इस दौरान राघवेंद्र और कृष्ण पाल में जमकर विवाद हुआ। इसके बाद इन लोगों ने डाटा केबल से राघवेंद्र का गला कसकर हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने शव को झाड़ियों में फेंक दिया।
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