ये सामान बरामद
तलाशी के दौरान उसके पास से पुलिस और सीबीआई के फर्जी आईडी कार्ड, एक पूर्व प्रमुख सचिव का लेटर पैड, पुलिस वर्दी, बेल्ट, जूते, पी-कैप, लाइटर पिस्टल, कारतूस और फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी लखनऊ में प्राइवेट स्कूल और होटल किराए पर लेकर फर्जी परीक्षा और इंटरव्यू तक आयोजित कराता था।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के बाद रिजल्ट में देरी का बहाना बनाकर अभ्यर्थियों को डराता-धमकाता था। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी अपने साथियों दुर्गेश सविता और विजय चौहान के साथ मिलकर गिरोह चला रहा था। दोनों फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।