रसूलाबाद। थाना क्षेत्र के मटेरा जोत में 14 मई को लाइनमैन के साथ हाईटेंशन लाइन का फॉल्ट दुरुस्त करने गया युवक करंट से झुलस गया था। सोमवार रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह परिजन ने रसूलाबाद उपकेंद्र पर शव रखकर हंगामा किया। अधिकारियों के मुआवजा दिलवाने के आश्वासन के बाद नाराज परिजन शांत हुए।
रसूलाबाद क्षेत्र के मेघजाल गांव निवासी समर सिंह (45) पुत्र सियाराम 14 मई की शाम रसूलाबाद निवासी संविदा लाइनमैन के साथ मटेरा जोत में हाईटेंशन लाइन का फॉल्ट दुरुस्त करवाने गए थे। लाइनमैन के स्थान पर वह स्वयं पोल पर चढ़कर फॉल्ट सही करने लगे। इस दौरान आपूर्ति आ जाने से समर सिंह को करंट लग गया था। इससे वह गंभीर रूप झुलस कर पोल से नीचे गिर गए। साथ मौजूद लाइनमैन व कर्मचारियों ने उन्हें इलाज के लिए सीएचसी रसूलाबाद में भर्ती करवाया था। वहां डॉक्टर ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए हैलट रेफर कर दिया। सोमवार रात इलाज के दौरान समर सिंह ने दम तोड़ दिया।
अनहोनी पर उसकी पत्नी प्रीति, पुत्री दुर्गा, पुत्र रामजी व अन्य परिजन बिलखते रहे। बेटे रामजी ने बताया कि पिता के पास पांच बीघा जमीन थी। वह खेती-किसानी करते थे। इधर पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार सुबह 10 बजे के करीब परिजन शव लेकर रसूलाबाद-बिल्हौर मार्ग स्थित विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और मुआवजे की मांग कर हंगामा करने लगे। घटना की जानकारी पर तहसीलदार रसूलाबाद संतोष कुमार सिंह, थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने नाराज परिजन को दैवीय आपदा कोष से आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
वहीं, विद्युत निगम के कर्मचारियों ने आपस में चंदा कर आर्थिक सहायता के रूप में समर की पत्नी को 50 हजार रुपये दिए। इसके बाद दोपहर 12 बजे परिजन शांत हो गए हुआ और शव को अंतिम संस्कार के लिए आकिन घाट ले गए। एसडीओ सहादत सलीम ने बताया कि समर सिंह विद्युत निगम के कर्मचारी नहीं थे। फॉल्ट दुरुस्त करने के दौरान उनको करंट लगने के मामले को लेकर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।