महोबा जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात एक युवक ने जहर खाकर जान दे दी। मृतक की 25 जून को शादी है। परिजनों से किसी बात को लेकर विवाद होने पर युवक ने मंडप के दिन जहर खा लिया। मंगेतर ने आरोप लगाया कि परिजन शादी के लिए तैयार नहीं थे। विरोध करने पर युवक ने यह कदम उठाया। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। थाना खरेला के ग्राम पहरेथा निवासी राजदीप तिवारी (28) पुत्र लक्ष्मी प्रसाद जिला अस्पताल में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात था। युवक का एक युवती से चार वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसके साथ 25 जून को शादी होना थी। दोनों पक्षों द्वारा शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके थे। शादी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई।
25 जून को युवक की थी शादी, मंडप के दिन उठाया कठोर कदम
शनिवार की रात राजदीप अपने घर पहुंचा। इस दौरान किसी बात को लेकर परिजनों से विवाद हो गया। मंडप के दिन सुबह करीब 4 बजे युवक ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां से डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। छतरपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। तब परिजन शव को अस्पताल ले आए।
घटना की सूचना मिलते ही मंगेतर जिला अस्पताल पहुंच गई। दो दिन बाद जिसके साथ शादी होना थी उसका शव देख सुधबुध खो बैठी। मंगेतर ने आरोप लगाया कि लड़के के परिजन उनकी शादी तय होने से खुश नहीं थे। उन्होंने जहर देकर उसे मार दिया।
जिंदगी के अंतिम मैसेज में मंगेतर को बोला बाय
घटना के बाद परिजनों का जिला अस्पताल में रो-रोकर बुरा हो गया। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाली प्रभारी विपिन कुमार त्रिवेदी का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। अभी तक किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं दी गई है।
जहर खाने से पहले रात करीब 3.30 बजे राजदीप तिवारी ने प्रेमिका को जिंदगी का आखिरी मैसेज भेजा। जिसमें उसने बाय लिखा। मंगेतर ने बताया कि एक दिन पहले उसकी जो बात हुई उससे राजदीप खासा परेशान था। परिजन इस शादी का विरोध कर रहे थे। जिसके चलते परिजनों ने जहर देकर उसे मार दिया। मंगेतर ने जिला अस्पताल में सभी के सामने चीखकर कहा कि वह इस मौत का बदला लेगी। अब उसे और जीने की इच्छा नहीं है।