शुक्लागंज। कोतवाली गंगाघाट के डेरा पीपरखेड़ा गैर एहतमाली में प्रेम प्रसंग के चलते युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि युवक को खेत से उठाकर हत्यारोपी अपने घर ले गए। जहां घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर सात लोगाें के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
डेरा पीपरखेड़ा निवासी रामपाल निषाद ने बताया कि उनके बेटे विजय (23) का गांव के पड़ोस में रहने वाले रामसेवक निषाद की बेटी सोमवती (20) से चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसेे लेकर दोनों परिवारों के बीच कई बार तनातनी भी हुई। बेटे विजय को मारने की पूर्व में भी धमकी दी गई थी। शुक्रवार रात नौ बजे विजय खाना खाकर यह कहकर घर से निकला कि वह घर से कुछ दूर स्थित गुलाब के खेत की रखवाली करने जा रहा है, सुबह आएगा। रात करीब दो बजे विजय का भतीजा भारत (20) लघुशंका करने के लिए घर से बाहर निकला तो उसकी नजर रामसेवक के घर पर पड़ी जहां विजय को पुलिस जीप में लाद रहे थे, यह देख उसने शोर मचाया। परिजन बाहर निकले तब तक पुलिस विजय को जिला अस्पताल ले जा चुकी थी। आरोप है कि आनन-फ ानन में पुलिस ने मौके पर मौजूद हत्यारोपियों को भी वहां से हटा दिया।
गांव के अन्य लोगों से जानकारी हुई कि विजय को खेत से उठाकर पड़ोसी रामसेवक जबरन अपने घर ले आया और कमरे बंद कर लाठी-डंडों से इतनी पीटा कि उसकी मौत हो गई। जिसके बाद रामसेवक ने पुलिस को यूपी 112 पुलिस को सूचना दी कि उसके घर में चोरी हो गई है। मौके पर पुलिस पहुंची तो विजय का लहूलुहान शव अंदर के कमरे की जमीन पर पड़ा था। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया। जहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कोतवाली प्रभारी गंगाघाट अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पिता रामपाल निषाद की तहरीर के आधार पर रामसेवक, रामसेवक की पत्नी तारावती, बेटी ज्योति, सोमवती, बेटे अजय उर्फ कल्लू, कन्हई व दामाद अमित कुमार के खिलाफ हत्या समेत अन्य कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों में चार को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।
पहले चेत जाती पुलिस तो बच जाती जान
पिता का आरोप है कि रामसेवक के परिजनों द्वारा कई बार पूर्व में बेटे को जान से मारने की धमकी दी जा चुकी थी। जिसकी जानकारी उन्होंने जाजमऊ पुलिस चौकी में भी कई बार की थी। लेकिन पुलिस मामले को हल्के में लेती रही और आज बेटे की जान चली गई। वहीं जाजमऊ पुलिस चौकी प्रभारी राजकुमार सरोज का कहना है कि उनके पास लिखित में कोई शिकायत विजय के परिवार ने कभी नहीं की।
26 नवंबर को होनी थी विजय की शादी
शुक्लागंज। जिस घर में मौत हुई वहीं डेढ़ माह बाद शहनाई बजनी थी। लेकिन एक ही झटके में सब कुछ खत्म हो गया। बहन सुनीता ने बताया कि विजय पांच भाइयों में सबसे छोटा था। छोटे भाई विजय का विवाह गंगा बैराज के पास स्थित दुर्गापुर गांव में तय हुआ था। 26 नवंबर को भाई की शादी की तिथि निकली थी। जिसे लेकर घर में तैयारियां चल रही थी। निमंत्रण कार्ड भी छपने को दे दिए गए थे। टेंट बैंड आदि भी बुक कर लिए थे। लेकिन एक ही पल में सब कुछ खत्म हो गया। जिस घर में एक डेढ़ बाद शहनाई गूंजनी थी वहां अब मातम छा गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
ग्रामीण बोले, दो फायर भी हुए
घटना स्थल के आस पास रहने वाले ग्रामीणों की मानी जाएं तो दो फायर भी हुए थे। जिसकी आवाज से ग्रामीण दहशत में आ गए थे। लेकिन फायर रामसेवक के घर के अंदर से हुए या घर के बाहर से यह किसी को नहीं पता। पुलिस ने फायर होने की बात से इंकार किया है।
फोरेंसिक टीम ने की जांच
घटन स्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए घटना के करीब नौ घंटे बाद फोरेंसिक टीम जांच पड़ताल करने रामसेवक के घर पहुंची। जहां फोटोग्राफी कराए जाने के साथ ही फिंगर प्रिंट व खून के नमूने भी लिए गए। मौके से मिली खून से सनी लाठी और डंडे की जांच की गई।
बंद रखा गया रामसेवक का घर
रात में घटना के बाद रामसेवक के घर पर पुलिस ने ताला डाल दिया। क्योंकि घर के अंदर ही युवक की हत्या की गई थी। जहां मीडिया को भी नहीं जाने दिया गया। पुलिस ने फोरेंसिक जांच किए जाने का बहाना बनाते हुए घर पर ताला डाले रखा।