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जिंदगी की ‘आखिरी फोनकॉल’ और फिर आ गई ‘मौत की आवाज’

Sun, 20 Nov 2016 01:05 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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युवक तड़पता रहा लेकिन एंबुलेंस नहीं आई
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जिंदगी की ‘आखिरी फोनकॉल’ रिसीव करते ही एक युवक को ‘मौत की आवाज’ सुनाई दे गई। शुक्लागंज गंगाघाट रेलवे स्टेशन के डाउन रेल ट्रैक पर कान में ईयर फोन लगाकर किसी से बात करना एक युवक को महंगा पड़ गया।
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  डाउन रेल पथ पर पीछे से आई जनसाधारण एक्सप्रेस की आवाज वह नहीं सुन सका और ट्रेन युवक को साइड से टक्कर मारते हुए निकल गई, जिससे उसे गंभीर चोट लगी है। मौके पर पहुंचे रेलवे कर्मियों ने 108 एंबुलेंस को फ ोन किया, लेकिन 20 मिनट तक युवक तड़पता रहा और एंबुलेंस नहीं आई। घायल को एक ई- रिक्शा में लादकर कुछ लोग कानपुर उर्सला ले गए, जहां उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।   गंगाघाट थाना के राजीव नगर खंती निवासी 30 वर्षीय साहिल, जो मजदूरी करता है। शनिवार शाम छह बजे रेलवे स्टेशन केबिन के निकट डाउन रेल पथ के किनारे- किनारे चंपापुरवा की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने कान में ईयर फ ोन लगा रखा था और किसी से बात कर रहा था। इसी बीच कानपुर से लखनऊ जाने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस ट्रेन आ गई, जिसकी भनक युवक को नहीं लग सकी और ट्रेन टक्कर मारते हुए निकल गई। केबिन में रहे कुछ रेल कर्मियों की निगाह पड़ी। इसकी सूचना 108 एंबुलेंस को किसी कर्मचारी ने की, लेकिन 20 मिनट इंतजार करने के बाद एंबुलेंस के न पहुंचने पर राजीव नगर खंती के कुछ लोग घायल युवक को ई- रिक्शा में लादकर कानपुर उपचार को ले गए। युवक के सिर पर गंभीर चोट थी, जिस कारण उसकी मौत हो गई। 
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