कानपुर। अगर आपका वाहन 20 साल पुराना हो गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है बस जेब ढीली करनी होगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पुराने वाहनों के पंजीकरण के नवीनीकरण पर लगने वाला शुल्क दोगुना कर दिया है। यानी चार पहिया वाहन मालिकों को 10 हजार और मोटरसाइकिल मालिकों को दो हजार रुपये शुल्क देना होगा। अभी तक यह शुल्क पांच हजार और एक हजार रुपये निर्धारित था।
बुधवार आधी रात के बाद से परिवहन विभाग के वाहन-4 पोर्टल पर नए स्लैब को अपडेट कर दिया गया। नया स्लैब आने के बाद गुरुवार को संभागीय परिवहन कार्यालय, सर्वोदय नगर में अधिकारी व पटल प्रभारी 20 साल पुराने वाहनों का आंकड़ा खोजते नजर आए। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने बताया कि नए नियम के अनुसार अब 20 साल से अधिक पुरानी मोटरसाइकिलों के लिए नवीनीकरण शुल्क दोगुना कर दिया है। वाहन मालिकों को पुराने वाहनों का नवीनीकरण कराने के लिए तय शुल्क के साथ-साथ फिटनेस जांच भी करानी होगी। नियमों का पालन न करने पर ऐसे वाहनों को सड़क पर चलाना गैर कानूनी माना जाएगा। नए स्लैब में विंटेज बाइक व कार के शौकीनों को 40 व 80 हजार रुपये तक फीस भरनी होगी।
पुराने वाहनों के नवीनीकरण शुल्क में कोई बदलाव नहीं
15 वर्ष पुराने वाहनों के नवीनीकरण शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सड़कों की सुरक्षा व प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहनों की आयु 15 वर्ष रखी गई है। इसके बाद उनको कबाड़ घोषित करने का आदेश है। इसमें निजी वाहनों पर सख्ती न करके वाहन स्वामी की इच्छा पर छोड़ा गया था। यानी वाहनस्वामी 15 वर्ष पुराने वाहन को कबाड़ घोषित कर सकता है और चाहे तो उसका नवीनीकरण भी करा सकता है। इसके लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 20 वर्ष आयु पूरी कर चुके वाहनों के पंजीकरण शुल्क का स्लैब जारी किया है।
अब वाहन की बिक्री पर बीमा ट्रांसफर 30 दिन में करा सकेंगे
केंद्र सरकार मोटर वाहन अधिनियम 1988 में संशोधन कर रही है। अभी तक किसी वाहन की बिक्री पर बीमा पालिसी ट्रांसफर करने की अवधि 14 दिन रही है। नए नियम में वाहन स्वामी 30 दिन में उसे ट्रांसफर करा सकेंगे। ऐसे ही वाहन यदि नष्ट हो गया या फिर चलने योग्य नहीं रहा तो इसकी सूचना देने की अवधि 14 से बढ़ाकर 30 दिन तक कर दी गई है।