बिजली के फाल्ट समय से ठीक नहीं करने पर केस्को से क्लेम लिया जा सकता है। विद्युत लोकपाल आरएस पांडेय ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बिजली उपभोक्ताओं को यह साबित करना होगा कि बिजली नहीं मिलने से उन्हें कितना नुकसान हुआ। गौरतलब है कि पिछले दिनों आंधी के बाद 56 घंटों से अधिक समय तक लोगों को बिना बिजली के गुजारा करना पड़ा था। लोकपाल ने बताया कि अगर केस्को क्लेम नहीं देता है तो उपभोक्ता, विद्युत उपभोक्ता व्यथा फोरम में मुकदमा दाखिल कर सकते हैं। अभी तक इस तरह के क्लेम के लिए किसी ने कोई मुकदमा दाखिल नहीं किया है।
शनिवार को केस्को मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में विद्युत लोकपाल ने कहा कि सिटीजन चार्टर के मुताबिक हर बिजली फाल्ट ठीक करने का समय तय है। शहर में अमूमन 24 घंटे में फुंका ट्रांसफार्मर बदल जाना चाहिए। जंफर का फाल्ट चार घंटे में तो गिरा हुआ पोल ज्यादा से ज्यादा 24 घंटे में ठीक हो जाना चाहिए। पिछले दिनों आई आंधी से तीन तक बिजली नहीं आने से वंचित रहे उपभोक्ता अपने नुकसान का क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि उपभोक्ता व्यथा फोरम में एक साल में पूरे प्रदेश में 286 केस दर्ज हुए, इनमें से 233 निस्तारित कर दिए गए हैं। निस्तारित मुकदमों में 142 कंज्यूमर्स के पक्ष में आए हैं। वहीं इनमें से अकेले कानपुर में सबसे ज्यादा 113 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 67 निस्तारित कर दिए गए। निस्तारित मुकदमों में 50 का फैसला उपभोक्ताओं के पक्ष में रहा है। ये मामले बिल और पॉवर नहीं बढ़ने से संबंधित थे।
इन इलाकों के लोग कर सकते क्लेम
19 मई को शाम को तेज आंधी आने से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति को झटका लगा था। कई जगह पोल और तार टूट गए थे। शास्त्रीनगर, विजय नगर, सिंधी कालोनी, नई सड़क, परेड, खास बाजार, बिठूर में तीन दिन बाद आपूर्ति चालू हो सकी थी। इसलिए इन क्षेत्रों के लोग समय से फाल्ट ठीक नहीं होने पर केस्को से क्लेम लेने का आवदेन कर सकते हैं।
16 मामलों की सुनवाई
विद्युत लोकपाल ने शनिवार को केस्को मुख्यालय स्थित विद्युत उपभोक्ता व्यथा फोरम में 16 मामलों की सुनवाई की। इनमें आठ मामले अपील और आठ मामले अनुपालन के थे। अपील वाले आठ मामलों में एक में फैसला सुरक्षित रखा गया है। सात मामलों में वादी और विपक्षी को एक-दूसरे के सामने अपना पक्ष रखने को कहा गया। अब इन मामलों की सुनवाई 12 और 19 जून को होगी। अनुपालन के आठ मामलों में चार में आर्डर के अनुपालन के आदेश दिए गए। इनमें पोखरपुर के लालता प्रसाद, बर्रा के एके दीक्षित, गांधी नगर के राज कुमार, विष्णुपुरी के नवी हुसैन के बिलिंग के मामले रहे। बाकी मामलों में तारीख दे दी गई।