केन्द्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र तोमर ने पंचायतो में हुई लूट खसूट पर प्रदेश की पूर्व कांग्रेस बसपा व सपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, इन पार्टियों ने अपने संस्कारो को राजनैतिक संस्कार बनाकर प्रदेश में जमकर भ्रष्टाचाक किया। यह अब योगी सरकार में नहीं चलने वाला।
प्रदेश की योगी सरकार द्वारा अधिकरियों से उनकी संपत्ति का ब्यौरे मांगने की दी हुई तारीख पर ब्यौरा न दिए जाने पर नरेंद्र तोमर ने कहा, जब हड्डी मुड़़ या टूट जाती है तो उसे ठीक करने के लिए फीजियोंथेरेपी करनी पड़ती है। उन्होने ये बात यूपी के कन्नौज जिले में एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।
दरअसल, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री प्रदेश के जिलों का भ्रमण कर रहे हैं। वे इसे पूरा करने के लिए कन्नौज पहुंचे थे। यहां मंत्री नरेंद्र तोमर ने पहले तो अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की फिर उसके बाद स्वच्छ भारत अभियान के तहत रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ता के साथ झाड़ू लगाई।
मीडिय से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा की 24 अप्रैल को लखनऊ में उनका मंत्रालय पंचायती राज दिवस मनाएगा। केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा देश व प्रदेश की सरकार पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। देश में पंचायती राज मंत्रालय का बहुत उपयोग है। देश में ढाई लाख से से ज्यादा पंचायते हैं जिसमे कई महिला सरपंच भी हैं जो प्रशिक्षण लेकर पंचायती राज को मजबूत करने का काम कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रदेश के कई राज्यों के प्रधान शामिल होंगे। साथ ही कार्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायती सशक्तिकरण पुरस्कार 20 लोगो को दिया जाएगा। साथ ही स्वर्गीय नाना जी देशमुख के नाम पर ग्राम गौरव पुरूस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे।
केन्द्रीय पंचायतीराज व ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता का संदेश देते हुए कन्नौज जिले के रेलवे स्टेशन में भाजपा विधायक व कार्यकर्ताओं के साथ झाड़ू लगाकर लोगो को स्वछता के प्रति प्रेरित किया।
इसके अलावा मनरेगा पर बोलते हुए उन्होंने कहा मनरेगा में होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार ने इस बार मनरेगा का 67 प्रतिशत पैसा जल संरक्षण में खर्च करने के लिए सोचा है। देश में 2264 विकास खंड ऐसे है जहां पानी का अभाव है। मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने ढाई साल के अंदर 95 प्रतिशत किसानो के खाते में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था की है। 5 प्रतिशत किसान इसमें अपवाद हो सकते है।