सीएम योगी के मंत्री सत्यदेव पचौरी बार-बार सुर्खियों में छा जाते हैं। सूबे की सरकार बनने के बाद से यह दूसरी बार है जब वे अपने बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा का विषय बने है। इस बार उन्होंने अफसरों को गुलदस्ता लेकर आने पर चेतावनी जारी कर दी है। उन्होंने कहा जिस किसी ने ऐसा किया समझो उसकी खैर नहीं। आप सोच रहे होंगे कि गलदस्ते से मंत्री जी को क्या परेशानी हो गई..? यह जानने के लिए आगे पढ़िए...
दरअसल, पचौरी को गुलदस्ते से परहेज नहीं बल्कि वे तो उपहार लेने से परहेज कर रहे हैं। अपने डिपार्टमेंट्स के सभी अफसरों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा है कि उनसे मिलने के लिए आने वाले अफसर किसी तरह का गिफ्ट या गुलदस्ता न लाएं।
ये थी पचौरी की मंशा
पचौरी के गिफ्ट और गुलदस्ता लेकर अाने से मना करने के पीछे उनकी एक मंशा थी। असल में वे गिफ्ट आदी में पैसे की बर्बादी नहीं चाहते। इसलिए पचौरी ने मंगलवार को कहा कि गिफ्ट लेकर पैसे को बेकार में खर्च न करें। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से वह इस तरह के अफसरों से परेशान हो गए हैं, जो कुछ न कुछ लाकर अपनी बात मनवाने की कोशिश करते हैं और अपना और उनका (मंत्री) वक्त बर्बाद करते हैं।
जिन्होंने ऐसा किया, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा
राज्य के माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज मिनिस्टर पचौरी ने कहा कि आगे से ऐसा बर्ताव करने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अफसरों को पूरी निष्ठा और लगन से अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाना चाहिए।
कुछ दिनों पहले मंत्री ने दिया था विवादित बयान
बीते 19 अप्रैल को पचौरी उस समय चर्चा में आए थे, जब वे लखनऊ के डालीबाग स्थित खादी बोर्ड के ऑफिस पर इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान ऑफिस में गंदगी देख मंत्री वे भड़क उठे थे। वहीं, एक दिव्यांग सफाई कर्मचारी को देख उन्होंने कहा था कि 'लूले लंगड़ों' को संविदा पर रख रखा है, ऐसा आदमी क्या सफाई कर पाएगा?