मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे
- फोटो : amar ujala
रामायण मेला पहुंचे सीएम, बांटी राहत सामग्री व टॉफियां
हवाई सर्वे और रामघाट निरीक्षण के बाद सीएम योगी रामायण मेला पहुंचे। उनके साथ जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रभारी जिला मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री किट वितरित की और बच्चों को दुलारते हुए चॉकलेट व टॉफियां बांटीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे
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अफसरों को अलर्ट कर बचाव कार्य शुरू कराए थे
आपदा की घड़ी में सरकार आपके साथ जनसभा को सियाराम के जयघोष से संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने 12 वर्ष जिस धरा पर रहकर रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया था, आज आपदा की इस घड़ी में पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जिस दिन बाढ़ आई, वह बलिया में थे, लेकिन तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अफसरों को अलर्ट कर बचाव कार्य शुरू कराए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे
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पीएम आवास और पट्टे का ऐलान
पूर्व सरकारों पर निशाना सीएम ने घोषणा की कि बाढ़ में जिन लोगों के घर बह गए हैं या नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया मकान या जमीन का पट्टा दिया जाएगा। पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि 2017 से पहले भी चित्रकूट में बाढ़ आती थी, लेकिन तब की सरकारें संज्ञान नहीं लेती थीं और राहत का सारा पैसा हजम कर जाती थीं।
चित्रकूट पहुंचे सीएम योगी
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36 गांव प्रभावित, रामायण प्रेक्षागृह में राहत सामग्री का वितरण
तय कार्यक्रम के अनुसार सीएम योगी रामायण प्रेक्षागृह में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री की किट वितरित करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि मंदाकिनी के उफान से चित्रकूट जनपद के 36 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, सैकड़ों कच्चे व पक्के मकान ढह गए हैं और किसानों की खरीफ की फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं।
चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर
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सुरक्षा के लिए जल पुलिस भी मुस्तैद
रामघाट पर जल पुलिस की टीम मंदाकिनी नदी में मुस्तैद है। बाढ़ के बाद नदी का जलस्तर अभी भी तेज है, इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जल पुलिस और गोताखोरों को तैनात किया है। नावों के जरिए पूरे घाट क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए मोटरबोट और जाल की व्यवस्था भी की गई है।