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कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर को बर्खास्त करने के मामले में हुआ नया खुलासा, ये सच आया सामने

Mon, 20 May 2019 11:03 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
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ओमप्रकाश राजभर (फाइल फोटो) - फोटो : गूगल
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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपने पद से 14 अप्रैल को ही इस्तीफा सौंप दिया था। उस समय इस्तीफा मंजूर न करके सरकार अब इसे बर्खास्तगी का रूप देकर नौटंकी कर रही है। सोमवार को शहर के एक रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के करीबी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश सचिव सुनील अर्कवंशी ने ये बात कही।
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उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, अध्यक्ष लघु उद्योग निगम डॉ. अरविंद राजभर, अध्यक्ष बीज निगम अजीत प्रताप सिंह के साथ राज्य एकीकरण परिषद सदस्य सुनील अर्कवंशी व राधिका पटेल, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सदस्य गंगाराम राजभर, वीरेंद्र राजभर, पशुधन निगम के सदस्य सुदामा राजभर 14 अप्रैल को इस्तीफा दे चुके थे।
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प्रेस वार्ता करते सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश सचिव सुनील अर्कवंशी

हरदोई में प्रेस वार्ता करते सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश सचिव सुनील अर्कवंशी, साथ में जिलाध्यक्ष धर्मसिंह - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में अब बर्खास्तगी का क्या अर्थ है। आरोप लगाया कि भाजपा को राजभर, अर्कवंशी, प्रजापति, पाल, धनगर, बारी, कस्यप, निषाद जैसी पिछड़ी जातियों का वोट तो चाहिए पर उनको अधिकार देने के नाम पर वह चुप्पी साध रही है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की पूर्वांचल के साथ प्रदेश में बढ़ती ताकत को देखकर भाजपा इस पार्टी के खात्मे का मंसूबा बना रही है।

पूर्वांचल की हार के डर से ये कार्रवाई मुख्यमंत्री ने की है। उत्तर प्रदेश में शराब बंदी, पिछड़े वर्ग में आरक्षण का वर्गीकरण, सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए कुर्सी और मेज की व्यवस्था, बच्चों को अंग्रेजी शिक्षा देने सहित अन्य मांगों को लेकर सरकार गंभीर नहीं होगी तो पार्टी पदाधिकारी सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष धर्मसिंह अर्कवंशी आदि मौजूद रहे।
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