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योगेंद्र यादव बोले सीएए, एनपीआर के बायकॉट का एक ही रास्ता, घर आने वाले कर्मियों को न दें कोई ब्योरा

Thu, 23 Jan 2020 08:12 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जनसभा को संबोधित करते योगेंद्र यादव - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर गुरुवार को ‘हम भारत के लोग-सीएए, एनपीआर के विरोध में जनसभा’ का आयोजन हलीम इंटर कालेज मैदान में किया गया। मुख्य वक्ता स्वराज अभियान के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने आगाह किया कि एनपीआर की प्रक्रिया के तहत जानकारी लेने घर आने वाले कर्मियों को सम्मान से बैठाएं, खिलाएं, पिलाएं लेकिन परिवार का कोई ब्योरा न दें।
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उन्होंने कहा कि सीएए और एनपीआर का बायकॉट ही एक रास्ता है। कार्यक्रम में  ‘लेकर रहेंगे आजादी’,‘वो तोड़ेंगे, हम जोड़ेंगे’, ‘लड़ेंगे-जीतेंगे आदि नारे लगे। सीएए विरोध को भारत जोड़ो आंदोलन की संज्ञा दी गई। तिरंगा झंडा और सीएए विरोधी तख्तियां लिए बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी शिरकत की। योगेंद्र यादव ने कहा कि यह देश का पहला आंदोलन है जिसमें हर जगह महिलाएं आगे नजर आती हैं।

शाहीन बाग एक जज्बे का नाम है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके महिलाओं के आंदोलन में बाहर आने संबंधी बयान पर घेरा गया। यादव ने एनपीआर के विभिन्न चरणों के संबंध में बताया और कहा कि सीएए की आड़ में बड़ी कुर्सी वाले इलेक्शन का खेल खेल रहे हैं। घर में आग लगाकर वोट की रोटी सेंकी जा रही है।
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इस मौके पर हजरत दादा मियां की खानकाह के नायब सज्जादानशीं सैयद अबुल बरकात नजमी ने कहा कि सरकार के लोग बयान देने में जुबान को लगाम दें, नहीं तो युवाओं और महिलाओं में रोष बढ़ेगा। संविधान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के नदीम खान, छोटे भाई नरौना, मो. सुलेमान, हुमैरा बासित, सिराज हुसैन ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में लोग ‘शांति के दूत’ लिखी टोपियां लगाए रहे।
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