यस बैंक पर रिजर्व बैंक का अंकुश लगने और जमा रकम निकासी की सीमा 50,000 रुपये किए जाने के बाद शहर के करीब 20,000 खाताधारकों की सांसें अटक गई हैं। इन खाताधारकों के शहर की चार बैंक शाखाओं में करीब 1200 करोड़ रुपये फंस गए हैं। रकम निकालने के लिए बैंक की सभी चारों शाखाओं में शुक्रवार के बाद शनिवार को भी सुबह से ही हाय तौबा मची रही।
अपने जमा धन की चिंता में हर शाखा में सैकड़ों लोग पहुंचे। यस बैंक की शहर में चार शाखाएं हैं। ये सिविल लाइंस, गोविंदनगर, किदवई नगर और जाजमऊ में हैं। सिविल लाइंस शाखा में करीब छह हजार, गोविंद नगर में चार हजार, किदवई नगर में पांच हजार और जाजमऊ शाखा में भी करीब पांच हजार खाताधारक हैं।
इन शाखाओं में खाताधारकों के करीब 1200 करोड़ रुपये जमा हैं। शुक्रवार को सभी बैंक शाखाओं में सुबह से ही लोगों का जमावड़ा लग गया था। 10 से 15 लोगों के स्टाफ वाली इन शाखाओं में एक साथ दो से तीन सौ लोग सवाल जवाब कर रहे थे। बैंक अफसर और कर्मचारी पसीना पसीना थे, जबकि लोगों में खुद की मेहनत की कमाई के डूब जाने की आशंका में आक्रोश था। कई खाताधारकों के उग्र व्यवहार का भी सामना करना पड़ा। खाताधारकों की सबसे ज्यादा भीड़ सिविल लाइंस शाखा में थी।
12 बजते ही शाखाओं में खत्म हुई नकदी
बैंक की गोविंद नगर शाखा में करीब 12 बजे दो सौ से ज्यादा लोग जमा थे। यहां दो लोगों के स्टाफ ने सुबह से ही खाताधारकों को 50,000 रुपये निकालने की सुविधा दी। 12 बजते ही यहां 45 लाख रुपये कैश खत्म हो गया, जबकि 90 लोग ही पैसा निकाल सके थे। कैश खत्म होने की सूचना पर लोगों ने हंगामा किया।
हालांकि प्रबंधक अमित सिंह ने तत्काल ही सिविल लाइंस शाखा से कैश मंगवाने का इंतजाम किया, लेकिन लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा था। उन्हें समझाया गया कि तीन अप्रैल तक वे किसी भी दिन 50,000 रुपये निकाल सकते हैं। कुछ यही सीन किदवई नगर शाखा का था। यहां भी करीब 55 लाख रुपये का कैश एक बजे खत्म हो गया। जाजमऊ शाखा में दोपहर दो बजे तक कैश चला। सिविल लाइंस शाखा में शाम पांच बजे तक लोग जमा धन निकालते रहे।
सर्वर ने दिया जवाब, एटीएम ठंडे
यस बैंक पर रिजर्व बैंक का अंकुश लगने के साथ ही खाताधारकों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड ब्लॉक हो गए। शुक्रवार को सर्वर भी ठप रहा। लोग अपना स्टेटमेंट भी नहीं निकलवा सके। कुछ शाखा प्रबंधकों ने बैंक में नकदी जमा करने आए लोगों को समझा कर वापस कर दिया। उन्होंने उन्हें धन्यवाद कहा कि हाथ की रकम जाते जाते बच गई।