फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौत के दो घंटे बाद कैशियर पर एफआईआर, स्कूल फीस में 50 लाख के गबन का था आरोपी

Sat, 07 Mar 2020 12:59 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
कल्याणपुर थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कानपुर में डीपीएस स्कूल, कल्याणपुर के कैशियर अमीश भाटिया की एक तरफ रेलवे ट्रैक पर लाश पड़ी थी, दूसरी ओर कल्याणपुर पुलिस उसपर 50 लाख रुपये गबन का मुकदमा दर्ज कर रही थी। मौत के दो घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज करने से कल्याणपुर पुलिस सवालों के घेरे में खड़ी हो गई।
विज्ञापन


आशंका जताई जा रही है कि रुपयों की हेराफेरी में शामिल स्कूल प्रशासन के अन्य लोगों को बचाकर रकम हड़पने की साजिश में कैशियर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। डीआईजी अनंत देव ने मामले की जानकारी होते ही जांच के आदेश दिए हैं। डीपीएस स्कूल में छात्रों की फीस के 50 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला काफी दिनों से चल रहा था।

एसपी पश्चिम डॉ अनिल कुमार ने बताया कि फीस जमा होने के बाद भी अभिभावकों को नोटिस गया तो मामले का खुलासा हुआ। इसमें अमीश का नाम सामने आया और उसपर रुपये वापस करने का दबाव बनाया गया। थोड़े दिनों बाद उसने रुपये लौटाने की बात कही जिसपर सहमति बन गई।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

इसके बाद 19 फरवरी को वह बिना किसी को बताए छुट्टी पर चला गया। स्कूल स्टाफ ने उसके घरवालों से बात की तो तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली। 4 मार्च को जीआरपी ने चंदारी रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पड़ा उसका शव बरामद किया। घरवालों ने बताया कि पीलिया से पीड़ित होने की वजह से उसने आत्महत्या कर ली।

जीआरपी ने इसकी जानकारी कल्याणपुर और चकेरी पुलिस को देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमीश का शव 4 मार्च को दिन में करीब 1 बजे रेलवे ट्रैक पर मिला। जबकि कल्याणपुर थाने में 3:10 बजे उसके खिलाफ 50 लाख रुपये गबन की रिपोर्ट दर्ज की गई।

माना जा रहा है कि अमीश के मौत की जानकारी मिलने के बाद स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी संदीप कुमार शर्मा आनन-फानन तहरीर लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने उनकी तहरीर पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर ली। अफसरों का कहना है कि हेराफेरी में शामिल स्कूल स्टाफ ने अमीश की मौत का फायदा उठाकर पूरी रकम हड़पने की साजिश उसी पर थोपकर रिपोर्ट दर्ज करवा दी। 

डीआईजी के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। किसी साजिश में थानेदार या अन्य की भूमिका पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। 
डॉ अनिल कुमार, एसपी पश्चिम 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें