मूसानगर(कानपुर देहात)। यमुना का जल स्तर शुक्रवार रात से फिर से बढ़ने लगा है। पानी का बहाव बढ़ने से शनिवार सुबह आढ़न पथार की रपटा पुलिया डूब गई। इससे आढ़न और पथार गांव का आपस में संपर्क टूट गया। सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों ने नाव से आवागमन शुरू किया है। केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय कालपी के अनुसार 24 घंटे में दो मीटर यमुना का जल स्तर बढ़ा है। यह खतरे के निशान से करीब चार मीटर नीचे है।
इधर यमुना का जल स्तर बढ़ने के कारण चपरघटा के पास सेंगुर नदी उफान पर है। पानी बढ़कर आढ़न-पथार की रपटा पुलिया तक जा पहुंचा। शनिवार सुबह पुलिया का मार्ग डूब गया। लगातार बढ़ रहे जल स्तर को लेकर ग्रामीणों में बाढ़ आने को लेकर चिंता सताने लगी है। गांव के अशर्फी, सोनेलाल, छोटे, रामजी आदि ने बताया कि इस बार पानी का बहाव तेज है और पुलिया में पानी तेजी से बढ़ रहा है। अगर ऐसी ही पानी बढ़ा तो आस पास खेतों की फसल डूबने की आशंका है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया डूबने से गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हुई है। वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। इससे लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। नाविक घसीटे लाल ने बताया कि एक नाव चल रही है। इसी से लोगों को एक छोर से दूसरे तक लाने, ले जाने का काम किया जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय कालपी के कर्मचारी सौरभ यादव ने बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे से दो मीटर पानी बढ़ा है। रविवार को कालपी में 104.05 मीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया है। एसडीएम भोगनीपुर देवेश सिंह ने बताया कि कोटा बैराज से दो लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। इससे जल स्तर बढ़ा है। चपरघटा मंदिर में बनी बाढ़ चौकी में निगरानी के लिए कर्मचारी लगाए गए हैं।
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नदी का नाम- गेज स्तर- खतरे का जल स्तर- रविवार का जल स्तर
यमुना- बेहमई- 115 मीटर-105.58 मीटर
यमुना- मूसानगर-107 मीटर- 102.63 मीटर
सेंगुर नदी- लालपुर- 111 मीटर-107.61 मीटर
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फोटो-07- यमुना का पानी बढ़ने से बैजामऊ बांगर के पास हुई कटान। संवाद
पानी बढ़ने से शुरू हो गई यमुना किनारे की कटान
राजपुर। यमुना का लगातार जलस्तर बढ़ने से बीहड़ पट्टी के जैसलपुर, महदेवा, गौरीरतन बांगर, बैजामऊ बांगर, भुपैय्यापुर, गौहानी, बछाटी गांवों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। इन गांव के लोगों को बाढ़ को लेकर चिंता सता रही है। इधर ग्रामीणों ने सुरक्षा के इंतजाम भी स्वयं से करने शुरू किए हैं। सिकंदरा तहसीलदार राकेश चंद्रा ने बताया कि गौहानी बांगर, भुपैय्यापुर, महदेवा व बैजामऊ बांगर में चार बाढ़ चौकियां सक्रिय की हैं। इसके अलावा राजस्व टीमों को गठित कर यमुना नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी के लिए समिति गठित की है। यह टीमें लगातार गांवों में चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रही है। बताया कि यमुना का जलस्तर 24 घंटे में मामूली बढ़ा है। रविवार को 105.58 मीटर जल स्तर रिकार्ड किया गया है जो खतरे के निशान करीब 9 मीटर दूर है। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। नदी के तट पर बसे गावों में ग्राम प्रधानों और राजस्व टीमों के जरिये ग्रामीणों को नदी के पास न जाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। (संवाद)