कानपुर। चौबेपुर के जरारी में औद्योगिक इकाई की स्थापना को लेकर आए प्रस्ताव में बिना स्थलीय निरीक्षण के ही उद्यमी मित्र ने गलत रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी। जांच के बाद जिलाधिकारी ने निवेश मित्र को हटाने के साथ ही यात्रा भत्ता में 20 हजार रुपये की कटौती करने के निर्देश दिए हैं। अब उद्योगों के प्रस्तावों का सही से सर्वे कराने के लिए प्रशासन दो नए उद्यमी मित्रों की नियुक्ति करेगा।
डेढ़ वर्ष से लगातार निवेश मित्र निशिता कार्य के प्रति लापरवाही बरत रही थीं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पिछले दिनों इन्वेस्ट यूपी के कार्यों की समीक्षा में गड़बड़ी पकड़ी थी। उन्होंने उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह से इसकी रिपोर्ट मांगी। जिसमें पाया कि 244 औद्योगिक इकाइयों को लेकर आए निवेश प्रस्तावों पर केवल 18 का ही भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई गई। उद्यमियों के साथ ठीक से समन्वय नहीं बनाया, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में प्रगति कमजोर रही। वर्तमान स्थिति को सारथी पोर्टल पर अपडेट नहीं करने से ई श्रेणी की रैंकिंग का मामला पकड़ में आया। नियुक्ति से लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र तक जारी करने में गड़बड़ी की गई। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रथमेश कुमार की ओर से निशिता की सेवाएं समाप्त करने के लिए भेजे गए पत्र पर डीएम ने सोमवार को मुहर लगा दी।
अपर मुख्य कार्यपालक के पत्र से लापरवाही पकड़ में आई है। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। लापरवाह कर्मियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द नए निवेश मित्रों की तैनाती होगी।
-जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी