कानपुर देहात। फार्मर रजिस्ट्री कराना किसानों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। सर्वर में दिक्कत के अलावा आधार व खतौनी में दर्ज नामों में अंतर भी इसकी वजह है। नाम ठीक कराने के लिए तहसीलों में खतौनी काउंटर पर भीड़ लग रही है। हालांकि तहसीलदार कोर्ट में ही खतौनी में दर्ज नाम संशोधन संभव है। इसमें महीनों लगते हैं। आधार में नाम संशोधन भी आसान नहीं है। जिले में करीब 2, 68, 638 किसानों की रजिस्ट्री शेष है।
कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले में 3, 48, 196 किसान पंजीकृत हैं। नवंबर में फार्मर रजिस्ट्री की शुरुआत की गई। लाभार्थी परक योजना के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए 31 जनवरी अंतिम तिथि तय है। इधर सर्वर में दिक्कत से दिन में पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं। इस पर रात में शिविर लगाकर किसानों की रजिस्ट्री की जा रही है।
करीब दस दिन में जिले में शिविर लगाकर 6015 रजिस्ट्री की गई हैं। अब तक कुल 79, 558 किसानों की रजिस्ट्री हो सकी है। यह आंकड़ा 22.85 फीसदी है। इधर आधार व खतौनी में दर्ज नाम में अंतर की वजह से फार्मर रजिस्ट्री में अड़चन बनी है। खतौनी में नाम संशोधन के लिए तहसीलदार कोर्ट में वाद दायर करने का नियम है। इसको लेकर किसान तहसीलों में खतौनी लेने के लिए उमड़ रहे हैं। इधर कोर्ट में वादों की संभावित वृद्धि को लेकर राजस्व अधिकारी भी पेशोपेश में हैं। हालांकि पोर्टल में जल्द बदलाव किए जाने का आश्वासन अधिकारी दें रहे हैँ।
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पोर्टल में परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही
फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल में सौ फीसदी फिल्टर पर ही पंजीयन हो रहा है। इसे कम करने और लेखपाल से अग्रसारण की व्यवस्था पोर्टल पर जल्द की जाएगी। इसके लिए पोर्टल में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। नाम के दो अक्षरों के बीच खाली स्थान या फिर अन्य छोटे अंतर पर पंजीयन होना जल्द शुरू होगा। पूरी तरह से नाम में अंतर पर कोर्ट में वाद के जरिए ही संशोधन हो सकेगा। - पवन कुमार तहसीलदार अकबरपुर
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फोटो-19 शैलेंद्र सविता, अधिवक्ता। संवाद
कोर्ट में वाद निस्तारण में लगता समय
राजस्व संहिता की धारा 34 में खतौनी में वाद के जरिये संशोधन का नियम है। इसमें 35 दिन में नोटिस जारी होती है। वाद निस्तारण में तीन महीने या अधिक समय लग सकता है। पुरानी खतौनी व मौजूदा खतौनी में नाम में अंतर पर राजस्व संहिता की धारा 32/38 में वाद दायर होता है। संशोधन में पंद्रह दिन में अधिक समय लग जाता है। - शैलेंद्र सविता, अधिवक्ता अकबरपुर।
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फोटो-13 वीर सिंह, राजपुर। संवाद
फोटो-14 मोहम्मद शफी, कौरौवा। संवाद
किसानों ने बताई समस्या
खतौनी और आधार कार्ड में दर्ज नाम में अंतर है। अब फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इससे लाभार्थी परक योजना से बाहर होने की स्थिति बन गई है। - वीर सिंह, राजपुर
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फार्मर रजिस्ट्री के लिए तहसील व ब्लॉक कार्यालय के तमाम चक्कर लगाकर थक चुका हूं। पोर्टल में सर्वर की दिक्कत के बाद अब खतौनी व आधार में दर्ज नाम में अंतर से परेशानी हो रही है। - मोहम्मद शफी, कौरौवा
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कृषि आंकड़ों में बढ़ गए 88828 किसान
जिले के कृषि आंकड़ों में 15 जनवरी तक 2, 59,368 किसान पंजीकृत थे। अब ताजा आंकड़ों में किसानों की संख्या बढ़कर 3, 48, 196 हो गई है। इस तरह से 88, 828 किसान बढ़ गए हैं।