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Kanpur News: मां शैलपुत्री का पूजन कर की सुख-समृद्धि की कामना

Fri, 20 Mar 2026 01:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। नवरात्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को मंदिरों और घरों में कलश स्थापना कर मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की विधिविधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में पूरे दिन भक्तों की भीड़ उमड़ी। शाम के समय भजन-कीर्तन हुए।
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अकबरपुर के कालिका देवी मंदिर, रूरा के पाथामाई मंदिर सहित प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह मां दुर्गा का दूध, दही, घी से स्नान कराया गया। इसके बाद मां को नए वस्त्र धारण कराकर उनका सोलह शृंगार हुआ। मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और शंखध्वनि के बीच भक्तों ने माता के जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भोर से ही महिलाएं, युवतियां और पुरुष व्रत रखकर मंदिरों में पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री को फल, फूल, नारियल और चुनरी अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। कई मंदिरों में विशेष पूजन, दुर्गा सप्तशती पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा नजर आया।
अकबरपुर निवासी आचार्य प्रियंक दीक्षित ने बताया कि मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री है। मां का यह रूप दसों दिशाओं में अपने भक्तों की रक्षा करता है। मां श्रद्धालुओं के सभी मनोरथ मां पूरा करती हैं। उधर नवरात्र को देखते हुए मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम रहे। रसूलाबाद के प्रसिद्ध धर्मगढ़ बाबा मंदिर स्थित मां दुर्गा की श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मन्नत मांगी।
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खेड़ा कुर्सी के तोरना बाजार स्थित मां पंथामाई, कहिंजरी स्थित मां काली मंदिर, विकास नगर स्थित मां दुर्गा मंदिर लाला भगत स्थित मां कौमारी देवी, कहिंजरी बड़ागांव स्थित मां काली मंदिर, असालतगंज स्थित मंगलामुखी काली मंदिर में भी मनचाही मुराद के लिए पूजन अर्चन व संकल्प किया। वहीं शिवली क्षेत्र स्थित अथैया देवी मंदिर, मानसिला मंदिर, पंथा माता, क्षमा माता मंदिर जागेश्वर, मैथा के सुम्बहा देवी, ज्योति की बगला माता, बैरी की सचुला माता, केशरीनिवादा की गगनी देवी मंदिरों में शाम तक माता के जयकारे गूंजते रहे।
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