कानपुर। नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा की विधिपूर्वक उपासना करने से साधक को तप तथा त्याग की शक्ति प्राप्त होती है। स्कंद पुराण में भी यह उल्लेख मिलता है।
छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के दीनदयाल शोध केंद्र के आचार्य संगम बाजपेयी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है। ब्रह्म का अर्थ तपस्या भी होता है तथा चारिणी का अर्थ आचरण करने वाली, इसलिए ब्रह्मचारिणी का अर्थ है घोर तप का आचरण करने वाली देवी। उन्होंने बताया कि यह स्वरूप माता पार्वती के उस रूप का प्रतीक है जब उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अत्यंत कठोर तपस्या की थी। ब्यूरो