कानपुर। दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण पर्व के दसवें दिवस उत्तम ब्रह्मचर्य पर रविवार को आनंदपुरी स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान आदिनाथ, भगवान शांतिनाथ और भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक किया गया।
अनूप जैन ने बताया कि प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य प्रदुम्न जैन परिवार, द्वितीय पीयूष-प्रत्यूष जैन परिवार और तृतीय महेंद्र कटारिया जैन परिवार को प्राप्त हुआ। शाम को पंडित संजीव शास्त्री ने प्रवचन दिया। बताया कि विचारों की पवित्रता से इस धर्म की उपासना संभव है। 12वें तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान के मोक्ष कल्याणक पर लाडू चढ़ाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रवचन बाद लाडू सजाओ व व्हाट्सएप ज्ञानपति प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
इस मौके पर महेंद्र कटारिया, डॉ. अनूप जैन, विवेक जैन, शीलचंद जैन, पदम जैन, अनिल उत्कर्ष, द्रोपदी जैन, पुष्पा जैन आदि मौजूद रहे।
इसी तरह, सीसामऊ स्थित सहस्त्रफनी पारस धाम जैन मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा व महाआरती की गई। बोली के माध्यम से शांति धारा का सौभाग्य मुकेश जैन, धनेश जैन, राजू जैन, प्रियंक जैन, संदेश जैन, अभिषेक जैन, सिद्धार्थ जैन व अरिहंत जैन को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर 1008 वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याण मनाया गया। सभी ने निर्वाण लाडू अर्पित किए, जिसमें प्रथम लाडू अर्पण का सौभाग्य राजीव जैन को मिला। मुकेश जैन ने कहा कि सांसारिक भोग-विलास से दूर रहकर आत्मा में रमन करना ही उत्तम ब्रह्मचर्य है। संचालन आभा जैन व कमलेश जैन ने किया। इस मौके पर मुकेश जैन, सुनील जैन, संजय जैन, आमोद जैन, आलोक जैन, शिवांग जैन, अजय जैन, आभा जैन, साधना जैन, अल्पा जैन, गीता जैन, कमलेश जैन, रेनू जैन, आराधना जैन आदि मौजूद रहे।