कानपुर। मां दुर्गा की सातवीं शक्ति मां कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। उनका स्वरूप अत्यंत भयानक है लेकिन वे सदैव शुभ फल देने वाली हैं। इसी कारण उन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के दीनदयाल शोध केंद्र के आचार्य संगम बाजपेई ने बताया कि मां कालरात्रि के स्वरूप से भक्तों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। वे दुष्टों का विनाश करने वाली हैं।
मान्यता है कि उनके स्मरण मात्र से दानव, दैत्य, राक्षस और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। मां की कृपा से ग्रह-बाधाओं और विभिन्न प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि मां कालरात्रि की उपासना करने वालों को एकनिष्ठ भाव से उनका स्मरण, ध्यान और पूजन करना चाहिए। साधक को यम-नियम और संयम का पालन करने के साथ मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखनी चाहिए। मां शुभंकरी की आराधना से भक्तों को शुभ फल प्राप्त होते हैं।