अपार्टमेंट की दुनिया: प्रकृति की गोद में ‘पामकोर्ट’
Mon, 13 Nov 2017 12:43 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सार
- 1995 में बनकर तैयार हुआ था, जल संरक्षण यहां की पहचान
- अपार्टमेंट में कुल 45 फ्लैट, वर्तमान में 40 परिवार यहां रह रहे
- होली, न्यू ईयर के साथ यहां ईद पर भी रहता है खास उल्लास
कानपुर शहर के बीचोबीच कोई अपार्टमेंट अगर प्रकृति की गोद में हो तो बात ही क्या। अमर उजाला की विशेष प्रस्तुति ‘अपार्टमेंट की दुनिया’ में आज हम आपको ले चल रहे हैं स्वरूप नगर स्थित पामकोर्ट अपार्टमेंट में। यह अपार्टमेंट प्रकृति के बहुत करीब है।
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पामकोर्ट 1995 में बनकर तैयार हो गया था। अपार्टमेंट में 45 फ्लैट हैं। यहां 30 फ्लैट ड्यूप्लैक्स हैं बाकी सभी थ्री बीएचके। पामकोर्ट अपार्टमेंट का तापमान शहर के बाकी अपार्टमेंट से 1.5 डिग्री तक कम रहता है। साथ ही, यहां की आबोहवा बाकी जगहों से काफी स्वच्छ है। इसका सबसे बड़ा कारण अपार्टमेंट के पीछे बना चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का कृषि फार्म। पामकोर्ट अपार्टमेंट में होली की धूम देखने लायक होती है। त्योहार की मस्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपार्टमेंट के साथ ही आस-पास के लोग अपार्टमेंट वालों के रिश्तेदार, दोस्त भी इसमें शिरकत करने को बेताब रहते हैं। अभी क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेशन की तैयारियां चल रही हैं। ईद पर भी यहां विशेष उल्लास होता है। अपार्टमेंट में कई मुस्लिम परिवार भी रहते हैं। लिहाजा यहां सभी धर्म के लोगों के बीच सौहार्द की मिठास ईद की सिंवइयों में खूब घुलती है।
महिलाएं ही करती हैं सभी आयोजनों की तैयारी
पामकोर्ट अपार्टमेन्ट में रहने वाली ममता जैन
अपार्टमेंट में होने वाले सभी कार्यक्रम कल्चरल सोसाइटी की महिलाएं ही आयोजित करती हैं। अपार्टमेंट में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ममता जैन की विशेष रुचि है। वे उनमें बहुत सक्रिय भूमिका निभाती हैं। उनके इस जज्बे को सभी पसंद करते हैं। इसलिए सभी कार्यक्रम उनकी देखरेख में ही होते हैं। कार्यक्रमों में भारती बहल, सीमा सिंहानिया, ज्योति सिंहानिया, ममता जैन का विशेष योगदान रहता है।
वाहनों की धुलाई बाल्टी भर पानी से
पामकोर्ट अपार्टमेन्ट में रहने वाले लोग
प्रकृति के बिल्कुल करीब होने की वजह से पामकोर्ट अपार्टमेंट में रह रहे लोग सुखद अहसास करते हैं। यहां सभी त्योहार कौमी एकता के साथ धूमधाम से मनाये जाते हैं। यहां जन्माष्टमी पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। इस अपार्टमेंट की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां लोग जल संरक्षण को विशेष तरजीह देते हैं। मोटर साइकिल और कार की धुलाई यहां बहुत कम पानी से करने का चलन है। यही नहीं, देवी देवताओं की मूर्तियों का यहां पर भूविसर्जन किया जाता है। दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
‘पत्थर वाली बिल्डिंग’ के नाम से मशहूर है
90 के दशक में कानपुर शहर की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक रहा पामकोर्ट अपार्टमेंट ‘पत्थर वाली बिल्डिंग’ के नाम से भी मशहूर है। वर्ष 2000 के बाद इस बिल्डिंग का सुंदरीकरण कराया गया। नेशनल इंस्ट्ीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग का कानपुर सेंटर इसी अपार्टमेंट में खुला हुआ है। 24 घंटे बिजली, पानी, सिक्योरिटी, जिम, क्लब, गार्डन सहित तमाम सुविधाओं से लैस इस अपार्टमेंट में रहने वाले सैकड़ों लोग हर त्योहार परिवार की तरह ही मनाते हैं। वर्तमान में इस अपार्टमेंट में 40 परिवार रह रहे हैं।
पामकोर्ट अपार्टमेन्ट सोसाइटी के अध्यक्ष राजीव जैन, सचिव अशोक बहल, कोषाध्यक्ष अपर्णा गर्ग
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के सेक्रेट्री अनिल कामधान इसी अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। इनके अलावा मोहिनी चाय कंपनी के मालिक दिनेश और रमेश अग्रवाल ने भी पामकोर्ट अपार्टमेंट में फ्लैट ले रखा है। ललित कला अकादमी की निदेशक शालिनी, अपोलो हॉस्पिटल के डॉ. वेद त्रिपाठी, कानपुर के मशहूर चार्टर्ड अकाउंटेन्ट मुकुल टंडन और द चाट के मालिक श्याम सुंदर गुप्ता (लल्ला भैय्या) भी पामकोर्ट अपार्टमेंट में रहते हैं।
पामकोर्ट सोसाइटी के बारे में
इस अपार्टमेंट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां के फ्लैट्स में रहने वाले लोग एक परिवार की तरह रहते हैं साथ ही समाजसेवा के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। जल संरक्षण के लिए अपार्टमेंट के सभी लोग एकजुट होकर रैलियां निकालते हैं। इसके अलावा प्रकृति का ख्याल रखने के लिए दूसरों को भी प्रेरित किया जाता है। -----------राजीव जैन, अध्यक्ष-पामकोर्ट
रेजिडेन्टस् सोसाइटी
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के बीच सामंजस्य इतना अच्छा है कि कभी किसी को कोई समस्या नहीं होती। अपार्टमेंट में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों का आयोजन हम सभी महिलाएं एकजुट होकर करती हैं। नवरात्र में अलग-अलग कार्यक्रम होते हैं जो देर रात तक चलते हैं। ----------अपर्णा गर्ग, कोषाध्यक्ष
अपार्टमेंट के पीछे कृषि फार्म होने की वजह से यहां कभी ऐसा नहीं लगता कि हम शहर के बीचोबीच वाले इलाके में रह रहे हैं। हरियाली और स्वच्छ हवा मिलने की वजह से हमारा हर दिन खुशनुमा होता है। ------------------अशोक बहल, सचिव-पामकोर्ट सोसाइटी
(Note-अगर आपके अपार्टमेन्ट में स्पेशल कल्चरल ईवेन्ट्स हो रहे हैं तो हमसे संपर्क कर सकते हैं- gauravs@knp.amarujala.com, WhatsApp no.- 9307263778 )