बच्चे अगर लाख समझाने के बावजूद जंक फूड नहीं छोड़ रहे हैं तो उन्हें व्यायाम और खेलने को कहें। इससे मोटापे से थोड़ी बचत होगी। कानपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कटियार ने कहा कि बच्चों को जंक फूड छुड़वाना मां-बाप के लिए मुश्किल है। जंक फूड उनकी आदत बन गई है। इस स्थिति में बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षणों के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि 10 सालों में महिलाओं में आठ फीसदी और पुरुषों में 10 फीसदी मोटापे की समस्या बढ़ी है।
शिवानी अस्पताल में हुए कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. कटियार, सीनियर लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. एसके मिश्र, डॉ. नीलम मिश्र ने बताया कि मोटापे से लोग एक साथ कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, हड्डियों, गुर्दे और लीवर की बीमारी हो रही है। महिलाओं में बांझपन की दिक्कत हो जाती है। इसी वजह से इस बार की थीम ‘मोटापा कलंक है’ रखी गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के वर्ष 2005-06 के मुताबिक 15 से 49 आयु वर्ग की 13 फीसदी महिलाएं और नौ फीसदी पुरुष मोटापे की गिरफ्त में रहे हैं।
वर्ष 2015-16 के सर्वे में 21 फीसदी महिलाएं और 19 फीसदी पुरुष मोटापे की गिरफ्त में पाए गए। महिलाओं के लिए 35 इंच और पुरुष की 40 इंच से अधिक कमर मोटापे की निशानी है। इस मौके पर डॉ. मिश्र ने मोटापा कम करने के लिए बैरियाट्रिक सर्जरी के बारे में भी बताया। सर्जरी कराने वाले मरीजों को प्रतीक चिह्न भी दिए गए।