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विश्व जैवलिन दिवस आज : रिले रेस के साथ अंशिका थाम रहीं स्वर्णिम भाला

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जैवलिन थ्रो का अभ्यास करतीं अंशिका। - फोटो : स्वयं
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कानपुर। स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा की सफलता से युवाओं में जैवलिन थ्रो का क्रेज बढ़ा है। शहर के युवा नीरज की तरह ही देश का नाम रोशन करने का सपना लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इसमें शहर की अंशिका यादव का नाम भी शामिल है।
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वह अपने बेहतर प्रदर्शन से जहां पदक जीत रही हैं वहीं 10 से 13 सितंबर तक वाराणसी में होने वाली सीबीएसई राष्ट्रीय जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता के लिए भी चयनित हुई हैं। अंशिका रिले रेस की भी बेहतरीन खिलाड़ी हैं।

राधा विहार निवासी गजेंद्र सिंह और रीमा यादव की बेटी अंशिका में जैवलिन को लेकर अलग ही जुनून दिखता है। पिता गजेंद्र ने बताया कि बेटी रिले रेस की भी बेहतरीन खिलाड़ी है। उसने पिछले साल बंगलूरू में हुई ऑल इंडिया इंटर डीपीएस मीट की जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था।
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इसके साथ ही सीबीएसई की क्लस्टर रिले रेस और जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में पिछले और इस साल स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। डीपीएस कल्याणपुर की प्रधानाचार्य डाॅ. रिचा प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में अंशिका जैवलिन थ्रो में बेहतर प्रदर्शन रही है। उसे अपना खेल निखारने के लिए स्कूल में पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय दिया जाता है।

नीरज चोपड़ा को मानती है गुरु
अंशिका के पिता बताते हैं कि जब ओलंपिक में नीरज ने गोल्ड मेडल जीता तो उनसे बेटी बहुत प्रभावित हुई। उसने उस दौरान ही नीरज को गुरु मानकर जैवलिन में अपना कॅरिअर बनाने की बात कही। कोच दिनेश भदौरिया बताते हैं कि अंशिका नीरज से काफी प्रभावित है और वह अक्सर ही उनकी चर्चा करती रहती है। जीते हुए पदक अंशिका की कड़ी मेहनत का ही परिणाम हैं।

अंशिका ने पिछले साल ही जैवलिन थ्रो सीखना प्रारंभ किया था। उसने बेसिक तेजी से सीखा। प्रतिदिन वह सुबह दो और शाम को तीन घंटे का अभ्यास करती है। इस वर्ष जुलाई में हुई सीबीएसई क्लस्टर 4 प्रतियोगिता में 24.97 मीटर जैवलिन फेंककर उसने स्वर्ण पदक जीता और अपना स्थान राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए पक्का किया।
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