नाेट बदलने के लिए बैंक के सामने लाइन में लगे स्थानीय लाेग
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शहर के ज्यादातर फैक्ट्री, टेनरी, कंपनी, स्कूल, कालेज और अस्पताल संचालकों ने अपने पास जमा 500 और 1000 रुपये के नोट को नई करेंसी में बदलने का तरीका निकाल लिया है। कर्मचारियोें को पुराने नोट दे दिए और सबको बैंक भेजकर चार-चार हजार रुपये बदलवा रहे हैं। इसीलिए बैंकों के बाहर भारी भीड़ देखी जा रही है।
जेके टेंपल के पास एसबीआई बैंक के बाहर 1000-1000 के चार नोट लेकर खड़े एक व्यक्ति से परेशानी पूछी गई। इस पर व्यक्ति का दर्द उभरकर सामने आ गया। उसने कहा कि यह उसका पैसा नहीं है। मालिक ने चार हजार रुपये दिए और कहा कि बैंक जाकर बदल लाओ। अब घंटों से लाइन में खड़े हैं। एसबीआई बैंक और सेंट्रल बैंक की केशवपुरम शाखा के पास भी चार लोग ऐसे मिले, जो मालिक के पुराने नोट बदलने के लिए लाइन में लगे थे। शारदा नगर की सिंडीकेट बैंक शाखा में भी दूसरे का नोट बदलवाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी बैंक प्रबंधन को भी है लेकिन वह मूल प्रमाण पत्र के साथ आने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि पूरी सूचना रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) को दी जा रही है। यह सूचना इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से भी शेयर की जा रही है। कैश लेने वालों के खिलाफ भी जांच-पड़ताल संभव है। नोटिस जारी करके सबसे आय का स्रोत पूछा जा सकता है।