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जूता फैक्ट्री में श्रमिक की मौत पर हंगामा, मृतक के भाई ने कहा- पानी के धोखे में पी लिया पेट्रोल

Sat, 25 May 2019 11:41 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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फैक्ट्री के बाहर हंगामा करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव जिले में औद्योगिक क्षेत्र बंथर स्थित मैसर्स सुपर हाउस के शू डिवीजन में काम करने वाले एक श्रमिक की शनिवार दोपहर संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक के भाई ने पानी के धोखे में पेट्रोल पी लेने को मौत की वजह बताया, जबकि फैक्ट्री प्रबंधन ने जहर खाने से मौत की बात कही। अन्य श्रमिकों व मृतक के परिजनों ने 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग के साथ हंगामा शुरू कर दिया। पांच घंटे से ज्यादा वक्त तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही। इस बीच मौके पर मौजूद एसडीएम दोनों पक्षों में वार्ता से सुलह की कोशिश के लिए जूझते रहे।

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संदिग्ध हालात में दम तोड़ने वाला रामविलास लोधी (35) पुत्र श्यामलाल अचलगंज थानाक्षेत्र के मोहद्दीनपुर का रहने वाला था। रामविलास के साथ ही मैसर्स सुपर हाउस के शू डिवीजन में काम करने वाले उसके छोटे भाई राकेश ने बताया कि दोपहर में भाई लड़खड़ाते हुए उसके पास पहुंचा। ज्यादा कुछ नहीं बोल पाया और बेहोश हो गया। राकेश का आरोप है कि फैक्ट्री के मैनेजर को सूचना दी, लेकिन तुरंत मदद नहीं मिली। एक श्रमिक की स्कूटी से भाई को एक निजी डॉक्टर के पास ले गए। उन्होंने जिला अस्पताल भेजा लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद भाई व अन्य श्रमिक शव लेकर शाम करीब पांच बजे फैक्ट्री पहुंच गए। कुछ ही देर में परिवार और गांव के लोग भी फैक्ट्री आ गए। आसपास की फर्मों के श्रमिक भी जुट गए। गेट पर शव रखकर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। राकेश ने कहा कि भाई रामविलास ने लंच के समय पानी के धोखे में बोतल में रखा पेट्रोल पी लिया था। अगर प्रबंधन समय से इलाज उपलब्ध कराता तो रामविलास की जान बच जाती।
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फैक्ट्री के मैनेजर मुश्ताक खान ने बताया कि श्रमिक के लंच के समय जहर खा लाने की जानकारी मिली थी। पता चलते ही उन्होंने उसे जिला अस्पताल भेजा, लेकिन उसकी मौत हो गई। उसे जल्द से जल्द इलाज दिलाने में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।

भीड़ के हंगामे के बीच तोड़फोड़ की कोशिश की जानकारी पर अचलगंज एसओ आशुतोष त्रिपाठी पहुंचे। समझाकर लोगों को शांत कराने में जुटे रहे। हंगामा पांच घंटे से ज्यादा खिंचता देख एसडीएम सदर दिनेश कुमार भी फैक्ट्री पहुंच गए। इस दौरान श्रमिक वर्ग व परिवार ने 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग रख दी। लंबी वार्ता के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने मुआवजे पर हामी भरी लेकिन तत्काल कुछ राहत राशि देकर शेष भुगतान सोमवार को करने की बात कही। मृतक के परिवार वालों की इससे असहमति पर अफसरों की मध्यस्थता में देर रात तक वार्ता का क्रम जारी रहा।

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