कानपुर। जल निगम (ग्रामीण) ने गंगा और पांडु नदी में गिर रहे 14 नालों को मोड़ने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए ठेकेदार कंपनी टेक्नोक्राफ्ट निरीक्षण कर ड्राइंग और डिजाइन तैयार कर रही है। इन पर आईआईटी की मुहर लगने के बाद निर्माण शुरू होगा। इसे पूरा करने की डेडलाइन जुलाई 2027 है।
परमिया, रानी घाट सहित गंगा नदी में गिर रहे 11 नालों और पांडु नदी में गिर रहे तीन नालों के माध्यम से रोज करीब पांच करोड़ लीटर गंदा पानी जा रहा है। अमर उजाला में मामला प्रकाशित होने के बाद जल निगम (ग्रामीण) ने इन नालों को टैप करने की योजना बनाई थी। 138.11 करोड़ रुपये की इस परियोजना के माध्यम से इन नालों के पानी को मोड़कर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों में ले जाना है। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने पिछले साल मई में इस परियोजना को स्वीकृति दी।
जल निगम (ग्रामीण) के परियोजना प्रबंधक मोहित चक ने बताया कि कंपनी को कार्य पूरा करने के लिए 18 माह का समय दिया गया है। उसे अगले साल जुलाई तक इन सभी नालों को टैप करना है। सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि शहर के 14 प्रमुख नालों के टैप होने से गंगा नदी को स्वच्छ बनाने के राष्ट्रीय अभियान नमामि गंगे को मजबूती मिलेगी। नदियों में प्रदूषण कम होगा।