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Kanpur News: खुद के लिए खड़ी होंगी तो ही होगा महिलाओं का सशक्तीकरण

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कानपुर। जब महिलाएं खुद के लिए खड़े होने के साथ फैसले लेना शुरू कर देंगी तभी से उनका सशक्तिकरण शुरू हो जाएगा। आज सरकार उनके उत्थान के लिए काम कर रही है। विकास के लिए कई योजनाएं और अभियान चलाए जा रहे हैं लेकिन इसका लाभ लेने के लिए महिलाओं को खुद आगे आना होगा। यह बातें मंगलवार को फजलगंज स्थित अमर उजाला कार्यालय में नवरात्र के अवसर पर नारी सशक्तीकरण के तहत महिलाओं के विकास में बाधा बन रही चुनौतियों पर आयोजित परिचर्चा में समाज में पहचान बनाने वाली महिलाओं ने कहीं। इसमें चिकित्सक, अधिवक्ता, प्रोफेसर, उद्यमी व समाज सेविकाओं ने हिस्सा लिया। सभी ने कहा कि हमें दूसरों पर निर्भरता खत्म करनी होगी।
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कोई भी फैसला समाज की परवाह किए बिना लेना चाहिए। आगे बढ़ने के लिए राह में मिलने वाली सभी समस्याओं का डटकर मुकाबला करें। - डॉ. रचना शर्मा, एडवोकेट

महिलाओं का सशक्तिकरण उनके घर से ही हो। इसके लिए उनके परिवार को सोचना और प्रेरित करना चाहिए। - डॉ. रेशमा निगम, सचिव, कानपुर ऑब्स एंड गायनी सोसाइटी


पिछड़े क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए सामाजिक संस्थाओं को आगे आकर उनके लिए काम करना होगा। - रुचि अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष, वुमेन इंपॉरमेंट वेलफेयर सोसाइटी


महिलाओं पर समाज का बोझ सबसे ज्यादा है। अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उनको इस दबाव से मुक्त होना होगा। - डॉ. प्रतिभा मिश्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर, डीएवी डिग्री कॉलेज
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महिलाओं को शिक्षा के लिए आगे बढ़ना होगा। अगर वह शिक्षित होंगी तो उनमें जागरूकता आएगी और उनका सामाजिक व आर्थिक विकास होगा।- शिप्रा सक्सेना, राष्ट्रीय सेवक समिति


महिलाएं अपनी बातें शेयर नहीं करती हैं। इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इससे वह अपने विकास के बारे में निर्णय नहीं ले पाती हैं। - डॉ. रोनल कुमार, रोट्रैक्ट क्लब


योजनाओं का लाभ लेने के लिए महिलाएं दूसरों पर निर्भर हैं। उन्हें इसे खत्म करना होगा। हमारा संगठन ऐसी ही महिलाओं के लिए काम कर रहा है। - शिल्पी सोनकर, भाजपा महिला मोर्चा


महिलाओं की दूसरों पर निर्भरता ही उनके सशक्तिकरण में बाधा है। जब आप खुद पर विश्वास रखेंगी तो दूसरा भी आप पर भरोसा कर पाएगा। - चंद्रलेखा, अध्यक्ष, रोट्रैक्ट क्लब कानपुर स्टार


लोगों की बातों पर यकीन करने की जगह खुद पर भरोसा रखो। आत्मविश्वास के साथ फैसले लो, एक दिन आपको सफलता जरूर मिलेगी। - स्वप्निका गुप्ता, सदस्य, अग्रिमा महिला मंडल


घर-परिवार के साथ हमें अपने विकास के बारे में भी सोचना होगा। अपना सम्मान खुद करना होगा, तब ही दूसरे हमारा सम्मान करेंगे। - तृप्ति दीक्षित, शिक्षक व समाजसेविका


ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं घर के काम और उसके बाद परिवार इससे ज्यादा कुछ नहीं कर पाती हैं। ऐसे में इन महिलाओं को जागरूक करने की जरूरत है। - निर्मल गोयल, ऊर्जा वूमेन

महिलाओं के सम्मान व सशक्तिकरण के लिए घर से शुरूआत करनी होगी। किसी भी माता-पिता को बेटे और बेटी में अंतर नहीं करना चाहिए। - डॉ. रोचना विश्नोई, रिटायर्ड प्रोफेसर

किसी भी काम को करने के लिए समय नहीं तय करना चाहिए। जब अवसर मिले तो आगे बढ़ने में आने वाली बाधाओं को बिना किसी भय के पार करें। - नेहा रस्तोगी, महिला उद्यमी
हम महिलाओं में वह शक्ति है कि अपने बच्चों की अच्छी परवरिश कर समाज में बदलाव करें। इसके लिए सभी को आगे आकर संकल्प लेना चाहिए। - मुदिता अग्रवाल, ऊर्जा वूमेन


महिलाओं के विकास के लिए आसपास से शुरुआत करें। वह चाहें मां, बहन, भाभी, सास, बहू, दोस्त, ऑफिस की सहयोगी कोई भी हो। - आरती मिश्रा, वूमेन इंपॉवरमेंट वेलफेयर सोसाइटी

घर से निकलने वाली महिला को लोग हतोत्साहित करते हैं। जब महिला सफल हो जाती है तो लोग उसकी मिसाल देते हैं। हमें इससे प्रेरणा लेनी होगी। - रजनी चौधरी, श्री ओमर वैश्य महिला संगठन
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