कानपुर देहात। महिलाएं अब पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़कर काम कर रही हैं। इस कड़ी में अब समूह की महिलाएं कोटेदार बनकर राशन की दुकानें संचालित करेंगी। इसके लिए पूर्ति विभाग की तरफ से इन्हें वरीयता देते हुए 27 दुकानें आवंटित करने का निर्णय लिया है। जल्द ही वह अब उचित दर दुकान पर राशन वितरित करती नजर आएंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 10 हजार से अधिक समूह तैयार किए गए हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्र में कारोबार कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही है। शासन महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से इनके लिए कई योजनाएं चला रहा है। साथ ही एनआरएलएम विभाग को ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को समूह से जोड़कर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में करीब 14 हजार नए समूह का गठन करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार के अलावा अन्य ग्रामीण महिलाओं को समूह में शामिल कर उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। जिला मिशन प्रबंधक पूजा वर्मा ने बताया कि जिला पूर्ति विभाग की तरफ से पूर्व में समूह की महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए 35 उचित दर दुकानें आवंटित की गई है। उनके बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए अब 27 अन्य दुकानों की जिम्मेदारी इन्हें सौंपने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए महिलाओं से आवेदन भी मांगे गए हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी अभिषेक कुरील ने बताया कि जनपद में इस समय कुल 35 उचित दर दुकानों के लिए कोटेदार आवंटित किए जाने हैं। इसमें आठ दुकानें मृतक आश्रितों को दी जानी है जबकि शेष 27 दुकानों के लिए महिला कोटेदार को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है।