सीपी बोले- महिलाएं चुप्पी तोड़ें
कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए सवाल किया कि कोई व्यक्ति उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है, लेकिन डर या घबराहट में उन्होंने मोबाइल से उससे जुड़े सभी सबूत डिलीट कर दिए हैं। इस पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने ढांढस बंधाते हुए कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है।
शक्ति संवाद कार्यक्रम में में मौजूद महिलाएं
- फोटो : amar ujala
पीड़ित साइबर पुलिस की मदद लें, फॉरेंसिक तकनीक के जरिए सभी डिलीट साक्ष्य वापस आ जाएंगे और आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीपी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि महिलाएं चुप्पी तोड़ें और खुलकर अपनी बात कहें।
जेन-जी को दोस्त बनाएं अभिभावक
संवाद के दौरान कुछ महिलाओं ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत और उससे होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई। इस पर अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) स्नेहा तिवारी ने कहा कि अभिभावकों को नई पीढ़ी के साथ अपनी सोच का अंतर कम करना होगा। पेरेंट्स 'जेन-जी' को अपना दोस्त बनाएं और उन्हें मोबाइल का सही इस्तेमाल व उपयोगिता समझाएं।
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साइबर ठगी पर दिखाई गई फिल्म
कार्यक्रम से पहले उपस्थित महिलाओं को साइबर ठगी पर आधारित शॉर्ट फिल्म 'साइलेंट किलर' दिखाई गई। इसके अलावा महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नंबरों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए जारी टोल-फ्री नंबर 14416 के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया गया।