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एक गोरखपुर यहां भी!, ऑक्सीजन मुहैया न कराने पर तड़पती रही महिला

Sun, 13 Aug 2017 08:56 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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जिला अस्पताल में घटना की जानकारी देता महिला का पति।
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सांस की बीमारी से पीड़ित महिला मरीज को इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने आक्सीजन मुहैया नहीं कराई। अन्य जिलों में ये हालात तब हैं जब देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में 'गोरखपुर ट्रैजडी' पर राज्य सरकार की किरकिरी हो रही है। बजाय सबक लेने के अब भी ऐसी लापरवाहियों के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सामने आया है।  
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महिला के पति का आरोप है कि कई घंटे उसकी पत्नी ऑक्सीजन के अभाव में तड़पती रही। सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
महोबा के खन्ना थानाक्षेत्र के ग्योड़ी गांव निवासी शिवनारायन ने बताया कि उसकी पत्नी जयदेवी (30) सांस रोग से पीड़ित है। शनिवार की रात तबियत बिगड़ने पर उसे मौदहा सीएचसी ले गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार की तड़के करीब तीन बजे वह जिला अस्पताल आया। यहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक राजतिलक बनर्जी ने पत्नी का इलाज किया। एक इंजेक्शन व ग्लूकोज चढ़ाया। इसके बाद भी पत्नी को आराम नहीं मिला, उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उसने डॉक्टर से आक्सीजन लगाने की बात कही पर उसे आक्सीजन नहीं दी गई। सुबह जयदेवी तड़पती रही। रविवार की सुबह ड्यूटी बदलने के पहले चिकित्सक ने महिला को कानपुर के लिए रेफर कर दिया। चिकित्सक राजतिलक बनर्जी ने बताया कि महिला दमा रोग से पीड़ित है। उसका इलाज किया गया है। अस्पताल में आक्सीजन मौजूद है। महिला को आक्सीजन की जरूरत नहीं थी इसलिए उसे आक्सीजन नहीं दी गई।

राठ की प्राइवेट फर्म कर रही आक्सीजन सप्लाई 
सरीला कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित क्षेत्र के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आक्सीजन सिलेंडर की पर्याप्त व्यवस्था है। यह दावा करते हुए सीएचसी सरीला के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.अजय चौरसिया ने बताया कि सीएचसी सरीला में पांच सिलेंडरो की व्यवस्था है। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर, चंडौत, पुरैनी, भैंसाए, ममना व धगवां में एक एक सिलेंडर की व्यवस्था है। इमरजेंसी आने पर सीएचसी सरीला से तुरंत सिलेंडर भेज दिए जाते हैं। यहां दो सिलेंडर हमेशा ही अतिरिक्त रहते हैं। उन्होंने आक्सीजन सिलेंडर सीएचसी के फंड से तथा यूजर चार्जिंग के धन से व्यवस्था की जाती है। कस्बा राठ की एक प्राइवेट फर्म से सिलेंडर की सप्लाई होती है। क्षेत्र के किसी भी अस्पताल में आक्सीजन सिलेंडर की कमी नहीं है। 
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न्यू पीएचसी में आक्सीजन सिलेंडर खाली 
वहीं जिले के पत्योरा गांव स्थित न्यू पीएचसी में चिकित्सकों के साथ आक्सीजन सिलेंडर नहीं है। सप्ताह में दो दिन मरीजों को देखा जा रहा है। शनिवार और बुधवार को सुमेरपुर से डा.कादिर आते हैं। शनिवार को अस्पताल में 115 मरीज वायरल फ ीवर, खांसी, जुकाम के आए। बड़ा कछार निवासी कुलदीप ने बताया कि दो दिन से बुखार आ रहा है। खून की जांच न होने से ऐसे ही दवा दी जाती है। वहीं सीमा ने बताया कि पीलिया होने के साथ बुखार भी आ रहा है। खून की जांच नहीं हो रही है। हमीरपुर जाना पड़ेगा। अस्पताल में आक्सीजन व अन्य सुविधाओं की कमी है। सीएचसी प्रभारी डां.आशुतोष निरंजन ने बताया कि आक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया है। जल्द ही भरवा दिया जाएगा।

आक्सीजन व्यवस्था चाकचौबंद बताई 
हमीरपुर के मौदहा कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आक्सीजन गैस सिलेंडरो का जायजा लिया तो पाया आधा दर्जन से अधिक सिलेंडर भरे हैं। अस्पताल के अधीक्षक डा.अनिल सचान ने बताया कि इस अस्पताल में 12 आक्सीजन सिलेंडर हैं। इन्हें खाली होते ही स्थानीय स्तर पर सप्लायर्स से भरवा लिया जाता है। एक माह में औसतन तीन चार ही सिलेंडर इस्तेमाल हो पाते हैं। कभी बड़ी इमरजेंसी में भले अधिक सिलेंडर इस्तेमाल हो। 
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  -पति का आरोप, सदर अस्पताल में मांगने पर भी नहीं दी गई आक्सीजन
-चिकित्सक बोले, महिला का इलाज किया-आक्सीजन की जरूरत नहीं थी

 
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