25 फीट गहरी और लंबी चौड़ी खाई बन गई थी
लगभग 20 दिन पूर्व लोनिवि की यह अस्थाई व्यवस्था पानी के तेज बहाव में बह जाने से सड़क पर लगभग 25 फीट गहरी और लंबी चौड़ी खाई बन गई है। शनिवार की देर रात समय लगभग 9:30 बजे नीरज पुत्र लालाराम चौधरी निवासी ग्राम झरहला (जालौन खुर्द) थाना कुठौंद अपनी पत्नी प्रतिभा देवी (40) व अपने पुत्र साहिल (11) को साथ लेकर मोटरसाइकिल से हमीरपुर में अपने रिश्तेदार रमेश के घर से अपने गांव जालौन खुर्द वापस जा रहा था।
गहरे पानी में डूबकर हुई मौत
ग्राम लिड़ऊपुर के बाद सड़क पर उक्त कटी पुलिया से पूर्व नीरज ने अपनी पत्नी व पुत्र को मोटरसाइकिल से उतार कर पैदल चलकर कटी सड़क के उस पार आने को कहा। प्रतिभा देवी जब अपने पुत्र के साथ पैदल चलते हुए कटी सड़क के किनारे से गुजर रही थी। अचानक उनके पैरों के नीचे की मिट्टी धसक गई। इससे वह 25 फीट गहरी खाई में नीचे सीमेंट के ढोल पर सिर के बल जा गिरी। इससे वह घायल होने के बाद गहरे पानी में डूब गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
गांव लिडऊपुर में जाकर मदद की गुहार लगाई
अपनी मां को गहराई में गिरता देख साहिल चिल्लाया व अपने पिता नीरज को आवाज दी। पुत्र की चीख सुनकर नीरज दौड़ते हुए आया व अपनी पत्नी को गहरी खाई के पानी में डूबा देख बदहवास हो गया। मदद के लिए समीप के गांव लिडऊपुर में जाकर रोते हुए मदद की गुहार लगाई, जहां ग्राम प्रधान संतोष सिंह सेंगर व अन्य ग्रामीणों ने रामपुरा थाना पुलिस को सूचना देकर सहायतार्थ तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए।
शव को पोस्टमार्टक के लिए भेजा
सूचना पाकर रामपुरा थाना प्रभारी संजीव कुमार कटियार, जगम्मनपुर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अनुज पवार, उप निरीक्षक दिनेश यादव मयहमराही और थाना कुठौंद अंतर्गत बहादुरपुर कंझारी पुलिस चौकी के उप निरीक्षक हेमचंद मौके पर पहुंच गए। रामपुरा पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से देर रात लगभग 12:30 बजे मृतका के शव को बमुश्किल गहरी खाई के पानी से बाहर निकलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टक के लिए भेजा गया।
अधिकारियों को घटना का इंतजार था
घटना को लेकर ग्राम लिडऊपुर, लिटावली, बहराई सहित आसपास के गांव के लोगों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि शायद पीडब्लूडी के अधिकारियों को इस प्रकार की घटना का बहुत दिनों से इंतजार था। ग्रामीणों के अनुसार अभी इस स्थान पर और न जाने कितने हादसे होना बाकी है और न जाने कितने लोगों को बेमौत मरना बाकी है। इसके बाद ही विभाग यहां पुल बनाने का काम करेगा।