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गलत इलाज से चली गई महिला डॉक्टर की जान

Wed, 25 Oct 2017 12:28 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डॉक्टर पर एनेस्थीसिया ज्यादा देने का आरोप, आज शव का होगा पोस्टमार्टम - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कानपुर में मंगलवार को महिला डॉक्टर स्वाति राठौर (32) की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल संचालक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। नर्सिंगहोम में तोड़फोड़ और कर्मचारियों से हाथापाई की कोशिश की। इस पर कल्याणपुर पुलिस ने परिजनों को डॉक्टर पर कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि बुधवार को शव के पोस्टमार्टम बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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बड़े भाई विमल भी डॉक्टर हैं
कन्नौज के ठठिया तिर्वा क्षेत्र के निवासी स्वाति सिंह ने सैफई (इटावा) मेडिकल कालेज से एमबीबीएस किया था। वह दिल्ली में रहकर एक निजी अस्पताल में नौकरी करने के साथ-साथ पीजी की तैयारी भी कर रही थीं। डॉ. स्वाति के परिवार में चार बहनें और दो भाई हैं। बड़े भाई विमल भी डॉक्टर हैं। बहनोई जय प्रकाश साहू झांसी से विधायक रहे हैं। स्वाति के छोटे भाई विकास ने बताया स्वाति दिवाली पर घर आई थीं। स्वाति को फिशर (मल द्वार संबंधी रोग) के साथ ही कुछ अन्य दिक्कतें थीं। रविवार को अचानक तबियत खराब होने पर डॉ. स्वाति को  शारदा नगर स्थित अनुराग हास्पिटल में सर्जन और पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. एएस सेंगर को दिखाया था। सोमवार को डॉ. सेंगर ने स्वाति को भर्ती किया। देर रात में ही उनका आपरेशन किया। मंगलवार सुबह डॉक्टर ने स्वाति को मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों ने नर्सिंगहोम में हंगामा किया। विकास का आरोप है कि डॉ. सेंगर ने विशेषज्ञ डॉक्टर को बुलाए बिना खुद ही स्वाति को एनेस्थीसिया दे दिया। अस्पताल हॉस्पिटल के एक कर्मचारी ने स्वाति को इंजेक्शन भी लगाया। इससे डॉ. स्वाति की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। 

आज होगा पोस्टमार्टम
परिजनों ने डॉ. स्वाति का तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम और उसकी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराए जाने की मांग की है। साथ ही सीएमओ नगर को भी पत्र भेजा गया है। इंस्पेक्टर देवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि डॉक्टर के पैनल की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के लिए डीएम से संस्तुति मांगी है। पोस्टमार्टम और सीएमओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपी डॉ. एएस सेंगर को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।  
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डॉ. स्वाति को ऑपरेशन से पहले सुन्न करने का इंजेक्शन दिया था। इसके बाद डॉ. स्वाति को झटके आने लगे तो आपरेशन नहीं किया गया। स्वाति को आईसीयू (सघन चिकित्सा कक्ष) में रखकर जान बचाने के हर संभव प्रयास किए गए थे । स्वाति को झटके आने की पहले से बीमारी थी या इंजेक्शन का साइड इफेक्ट,  इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं। - डॉ. एएस सेंगर, संचालक अनुराग हॉस्पिटल, शारदा नगर
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