महिला की मौत के बाद हंगामा करते परिजन
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इटावा जिले के नगर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती महिला की सोमवार को मौत हो जाने पर परिजनों ने हंगामा किया। हॉस्पिटल के गेट पर शव रखकर परिजनों ने डॉक्टर पर रुपये ऐंठने व गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। सीओ सिटी ने परिवार के लोगों को भरोसा दिलाया कि वे तहरीर दें, एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
इसके बाद परिजनों ने शव उठने दिया। हालांकि शाम तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली। इससे पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया। अस्पताल का स्टाफ हॉस्पिटल बंद करके चला गया। सैफई रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल में रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे औरैया जिले के बरकूपुर बनारसीदास गांव निवासी हनीकुमार की 20 वर्षीया पत्नी सोनी देवी को भर्ती कराया गया था।
पति हनी ने बताया कि पत्नी को सिर में दर्द और बुखार था। उसे रविवार को औरैया जिला अस्पताल में दिखाया, जहां डॉक्टर ने उसे बाहर दिखाने की सलाह दी। सरकारी एंबुलेंस से वह पत्नी को लेकर इटावा आया था। एंबुलेंस चालक ने उसे इस निजी हॉस्पिटल में दिखाने की सलाह दी थी। उसे यह ध्यान नहीं कि एंबुलेंस 102 व 108 नंबर में से कौन सी थी।
हनी कुमार ने बताया कि हॉस्पिटल के डॉक्टर ने दस हजार रुपये इलाज की फीस बताई। रात भर में उससे 45 हजार रुपये ऐंठ लिए गए। सोमवार सुबह 10 हजार रुपये और मांगे। रुपये न होने पर उससे मरीज को ट्रांसफर करने को कहा गया। हनी का आरोप है कि डिस्चार्ज करते वक्त डॉक्टर ने सोनी को गलत इंजेक्शन दे दिया।
दोपहर करीब डेढ़ बजे उसकी पत्नी की मौत हो गई। वह पत्नी को ग्वालियर लेकर जाने वाला था। हनी के मुताबिक पत्नी की मौत होने पर डॉक्टर व अन्य स्टाफ हॉस्पिटल बंद करके चले गए। महिला मौत पर परिजनों ने हॉस्पिटल गेट के सामने शव रखकर हंगामा किया।
सूचना पर फ्रेंड्स कालोनी थाना समेत कई थानों का फोर्स पहुंच गया। सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह ने सोनी के भाई धर्मेंद्र और परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया। कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। इसके साथ उन्होंने कहा कि तहरीर दें रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इसके बाद परिजन शव का हटाने के लिए राजी हुए।