संदलपुर। कस्बे से बाहर मिट्टी खोदते समय टीला धसक जाने से दंपती दब गए। शोर मचाने पर राहगीरों ने दोनों को मिट्टी से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल दंपती को हवासपुर सीएचसी भेजा गया। जहां से पत्नी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं पति को उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
मंगलपुर थाना क्षेत्र के संदलपुर कस्बा के रहने वाले गफूर सिद्दीकी (60) रविवार सुबह पत्नी बिलकिसा बेगम (55) के साथ घर में लिपाई के लिए मिट्टी खोदने कस्बे से बाहर गए थे। वहां मिट्टी खोदते समय अचानक टीला धसक गया। इससे दंपती मिट्टी में दब गए। शोर मचाने पर वहां से निकल रहे राहगीर व कस्बे के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से दंपती को बाहर निकाला गया।
इसके बाद गंभीर हालत में दोनों को हवासपुर सीएचसी भेजा गया। वहां डॉ. वैभव कटियार ने बिलकिसा की हालत नाजुक होने पर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहीं गफूर को उपचार के बाद बाद घर जाने दिया। इधर, बिलकिसा की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
मौत की जानकारी के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। तहसीलदार सिकंदरा लखनलाल राजपूत ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। कानूनगो व लेखपाल को मौके पर भेजा है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बेटे दिल्ली में करते मजदूरी
संदलपुर। बिलकिसा के बेटे छुन्नू, तौसीफ करीब 12 साल से दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। घर में बहू रिहाना, अजमी व पौत्र समीर, अर्ष, अदनान, लान, छोटे फरीने, फिरदोस रहते है। हादसे में घायल पति गफूर सिद्दीकी फेरी लगाकर कपड़े बेचता है। जिससे परिवार का खर्च चलता है। कोरोना कर्फ्यू के बाद से वह भी घर पर ही था।
पहले हुई घटना में मासूम की हुई थी मौत
संदलपुर। कस्बे से जबरपुर गांव जाने वाले मार्ग के किनारे गड्ढे में मिट्टी खोदते समय कई हादसे हो चुके हैं। चार साल पहले मिट्टी खोदते समय टीला धसक गया था। इससे कस्बे के रहने वाले कमलेश प्रजापति की बेटी पूजा (7) की मिट्टी में दबकर मौत हो गई थी।