प्रशासन की लापरवाही और राजनीतिक दलों की चालबाजी से मतदाता बन गए
विस्थापित बांग्लादेशियों को सही ठहराने में कांग्रेसी जुट गए हैं। सोमवार
को तिलक हाल में पार्टी के नगर ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष अभिजीत सिंह सांगा
ने प्रेसवार्ता में बताया कि ये लोग बांग्लादेशी नहीं बल्कि पूर्वी
पाकिस्तान से विस्थापित हैं।
इन लोगों को सरकार ने भौंती प्रतापपुर के पास
संजय नगर में बसाया था। गौशाला सोसाइटी के एक पदाधिकारी इनकी जमीन हड़पने
की साजिश कर रहे हैं। जब इनके पास भारतीय नागरिकता ही नहीं है तो वोटर
कार्ड कैसे बन गए? इस सवाल का जिलाध्यक्ष सांगा के पास कोई जवाब नहीं था।
सांगा
ने बताया कि यहां रहने वाले 106 परिवारों के लिए राजस्व अनुभाग की तरफ से
स्थानीय जिला सहायता व पुनर्वास विभाग को कब्जा हस्तांतरित किया गया था।
उनका आरोप है कि इन लोगों को घुसपैठिया साबित कर उनकी जमीन कब्जाने का
प्रयास किया जा रहा है। जबकि इन लोगों के पास उनकी जमीन का दाखिल खारिज व
अन्य दस्तावेज हंै। यहां तक की उनका वोटर कार्ड भी बना है।
इधर
विस्थापितों के बीच के एक व्यक्ति निताई ने बताया कि उन्हें यह नहीं समझ आ
रहा है कि जब सरकार ने उन्हें यहां बसाया है तो वे बांग्लादेशी घुसपैठिए
कैसे हो गए। यदि उन लोगों को वोटर कार्ड बनवाने का अधिकार नहीं है, तो
कार्ड बने कैसे? इस मौके पर शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री सहित काफी
संख्या में विस्थापित बांग्लादेशी मौजूद रहे।