लक्ष्मी रतन मलिन बस्ती, सरोजनी नगर में सोमवार को अवैध बताकर रेस्टोरेंट सील करने पहुंचे दस्ते के सामने दुकानदार पति-पत्नी ने अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह की धमकी दी।
इससे पुलिस-प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। पुलिस, पीएसी, केडीए दस्ते के सामने चार घंटे तक ड्रामे के बाद कोई कार्रवाई न हो सकी। इस बीच वहां सभी रेस्टोरेंट, शोरूम, दुकानों के शटर बंद रहे। यातायात भी बाधित रहा। शाम को डीएम ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
मरियमपुर चौराहे से आगे गुरुनानक कालेज रोड पर स्पाइसी कार्नर रेस्टोरेंट है। इसमें हिस्से के लिए तीन भाइयों में विवाद है। आगे का हिस्सा रमनप्रीत सिंह हैप्पी के पास है जिसमें रेस्टोरेंट है। इसमें हिस्सेदारी के लिए हैप्पी की भाभी ने स्थानीय केडीए अफसरों के अलावा मुख्यमंत्री आफिस से भी शिकायत की थी।
केडीए ने इस मामले की सुनवाई के बाद रेस्टोरेंट को सील करने का आदेश दे दिया। सुबह साढ़े दस बजे केडीए प्रवर्तन विभाग अधिशासी अभियंता एके सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन दस्ता नजीराबाद थाने पहुंचा और एसडीएम, एसीएम व पुलिस फोर्स के साथ रेस्टोरेंट सील करने पहुंचा।
हैप्पी और उनके वकीलों ने इसका विरोध किया, कहा मार्केट की सभी रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, शोरूम सहित अन्य दुकानें अवैध हैं। सभी तोडे़ं, वह सिर्फ अपना रेस्टोरेंट सील नहीं होने देंगे। फिर पुलिस-प्रशासनिक अफसरों ने सभी पक्षों के साथ नजीराबाद थाने में चौपाल लगाई। हैप्पी के बड़े भाई इंदरपाल सिंह गोल्डी की पत्नी शिप्पी अरोड़ा भी अधिवक्ताओं के साथ थाने पहुंची। शिप्पी ने स्पाइसी कार्नर खुद का होने का दावा किया।
थाने में अफसरों ने दोनों पक्षों में समझौता कराने की कोशिश की, पर बात नहीं बनी। पौने दो बजे दस्ता फिर रेस्टोरेंट पहुंचा तो वहां हैप्पी, उसकी पत्नी पल्लवी और कर्मचारी शुभम ने सैकड़ों लोगों के सामने अपने शरीर पर मिट्टी के तेल डाल लिया और आत्मदाह की धमकी दी। बवाल बढ़ता देख ढाई बजे अफसर गलत कार्रवाई न होने का आश्वासन देकर लौट गए।
बगल की दुकान में लगाया ताला
रेस्टोरेंट के पीछे लोहा मंडी की तरफ स्थित हार्डवेयर की दुकान पर हैप्पी ने अपने समर्थकों के साथ ताला डाल दिया। इस दुकान के संचालक दीपेश अग्रवाल का कहना था कि उसने शिप्पी से 20 हजार रुपये प्रति माह किराए पर दुकान ली है। वे उन्हीं से बात करें। बाद में ताला खोला गया।