माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। अक्सर कार्टून में देखा होगा कि कैसे एक चमत्कारी सूट पहनते ही बच्चा एक जगह से दूसरी जगह उड़कर पहुंच जाता है। आने वाले समय में ठीक इसी प्रकार से हकीकत में देखने को मिलेगा जब हमारे देश के सैनिक उड़कर दुश्मनों पर हमला करेंगे। यह संभव होगा जेट सूट की मदद से। इस पर अनुसंधान व नवाचार का काम चल रहा है।
आईआईटी कानपुर ओर से मंधना स्थित ब्लू वर्ल्ड कैसल में चार दिवसीय टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन एंड पॉलिसी समिट-2025 (ट्रिप्स) आयोजित किया गया है। इसमें दूसरे दिन सेना की मजबूती पर हो रहे कार्यों की जानकारी डीआरडीओ के सोल्जर सपोर्ट सिस्टम के महानिदेशक डाॅ. उपेंद्र कुमार सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि सैनिकों की मजबूती के साथ उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित किए जा रहे हैं। रासायनिक, जैविक, रेडियोलाॅजिकल और न्यूक्लियर खतरों के लिए एंटीडोट्स विकसित करने के साथ सैनिकों के पोषण संबंधी नई प्रणालियां बनाई जा रही हैं।
डॉ. उपेंद्र ने कहा कि विमान में हवा के दबाव और ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए केमिकल एंड बायोलाॅजिकल फिल्टर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एक्सोस्केलेटन उपकरण की मदद से सैनिक बिना किसी दिक्कत के वजन लेकर पहाड़ियों पर चढ़ सकेंगे। डॉ. सिंह ने बताया कि इस तकनीक में आईआईटी कानपुर की मदद ली जा रही है। समारोह के दूसरे दिन स्वास्थ्य सेवा, शोध व नवाचार, सैन्य क्षेत्र में तकनीक के विकास में चुनौतियां व समाधान पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।
विचारक और लेखक डॉ. राम माधव ने कहा कि आज के दौर में युद्ध विमान से नहीं ड्रोन से लड़े जा रहे हैं। भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। कार्यक्रम में आईआईटी कानपुर के प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि देश जेनेरिक ड्रग्स के निर्माण में सशक्त है। अन्य देश नार्मल ड्रग्स बनाने में आगे हैं क्योंकि वहां निजी फार्मा कंपनियां रिसर्च एंड डेवलपमेंट में काफी बजट खर्च कर करती हैं। ऐसे में जरूरत है कि देश में ड्रग्स निर्माण के लिए शोध, नवाचार और तकनीक पर काम किया जाए।
ऑनलाइन जुड़े भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) में उद्योगों को विकसित करने के लिए होने वाले शोध को सरकार तीन हजार करोड़ का योगदान देगी। दो हजार करोड़ का बजट इंडस्ट्री सेक्टर की ओर से आएगा। ट्रिप्स के चेयरमैन पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा ने सत्र संचालन किया। इस मौके पर सचिव डॉ. संदीप पाटिल, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई के चांसलर प्रो. जेबी जोशी, काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के पूर्व महानिदेशक डाॅ. शेखर सी मांडे, कुमाऊं यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. दीवान सिंह रावत सहित अन्य मौजूद रहे।
अब शोध कार्य अनुदान पाने के लिए छात्रों को अलग-अलग पोर्टल पर नहीं भटकना होगा। नीति आयोग के प्रधान सलाहकार डाॅ. विवेक सिंह ने कहा कि नीति आयोग रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए एक यूनिफाइड पोर्टल विकसित कर रहा है। इसकी मदद से शोधार्थी शोध कार्य में अनुदान पाने के लिए पोर्टल पर ही आवेदन कर सकेंगे। यह पोर्टल अगले छह महीने में शुरू हो जाएगा। वर्तमान समय में ग्लोबल आर्डर में बदलाव हो रहा है। अब वो देश आगे बढ़ेंगे जो तकनीकी रूप से ज्यादा सक्षम हैं।