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तीन सौ साल पुराने इस मंदिर में ताला चढ़ाने से पूरी होती हैं मुरादें

Fri, 30 Sep 2016 04:46 PM IST
हिमांशु मिश्र, कानपुर
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मां काली की यही वह मूर्ति है ज‌िसकी पूजा करने के ल‌िए काेसाें दूर से लाेग मां के दरबार में अाते हैं। - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
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कहते हैं नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की विधिवत पूजन करने से मां अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाती हैं। मां के कुछ विशेष्‍ा दरबार में पूजा करने का अपना अलग ही महत्व है।  इन्हीं विशेष मंदिरों में शुमार है मां काली का एक ऐसा मंदिर जहां मां के दरबार में ताला चढ़ाने से भक्तों की मुराद पूरी होती हैं। इस मंदिर का इतिहास करीब तीन सौ साल से भी अधिक पुराना है। ऐसी मान्यता है कि यहां जो भक्त सच्ची आस्‍था के साथ आता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। प्रतिवर्ष खासतौर पर नवरात्र में लाखों श्रृद्घालु अपनी मुरादें पूरी करने के लिए यहां ताला चढ़ाने आते हैं। 
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 आखिर क्या खास है इस मंदिर में...

मां काली के दरबार में ताला चढ़ाता भक्त - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
 
 
दरअसल मंदिर में स्थापित मूर्ति आज तक रहस्य बनी हुई है। मंदिर के लिए सालों पहले की एक कहावत काफी  प्रचलित है। बताया जाता है कि एक महिला नियमित तौर पर इस मंदिर में मां की पूजा करने आती थी। एक बाद वह मंदिर के बाहर ताला लगा रही थी। इसपर मंदिर के पुजारी ने इसका कारण जानना चाहा तो महिला ने बताया कि उसे सपने में मां काली ने दर्शन दिया और मंदिर में ताला चढ़ाने पर मनोकामना पूरी करने का आर्शीवाद दिया। मंदिर में ताला चढ़ाने के कुछ वर्ष बाद अचानक से ताला गायब हो जाता है और दीवार पर लोगों को लिखा मिलता है कि उसकी मनोकामना पूरी हो गई है, इसलिए वह ताला खोलकर ले जा रही है। तभी से मंदिर में भक्त ताला चढ़ाते हैं और मनोकामना पूरा होने पर वापस ताला खोलकर लेते जाते हैं।

 
 
 
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वाकई में पूरी होती है मुरादें... 

मां काली का मंद‌िर - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
 
कानपुर के बंगाली मोहाल शिवाला स्थित मां काली के इस मंदिर में हर नवरात्र पर पूजा करने आने वाले भक्तों की मानें तो वाकई में मंदिर में जो भी सच्चे मन से पूजा करने आता है उसकी मनोकामना पूरी होती है। ऐसे ही एक शख्स हैं मध्य प्रदेश के सतना जिला के रहने वाले मयंक अग्रवाल। वह कहते हैं कि एमपी में उनकी आइस फैक्ट्री थी।  आर्थिक तंगी के चलते वह कर्ज में डूब गए और फैक्ट्री बंद हो गई।  ऐसे समय उन्होंने नवरात्र पर मां काली के मंदिर में ताला चढ़ाया और वापस जाते ही मालूम चला की सरकार ने कई उद्योगों को शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देने की योजना शुरू कर दी है। जिसका लाभ लेकर उन्होंने फिर से अपनी फैक्ट्री शुरू कर दी।
 
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