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सूरज हुआ मद्धम,शहर ठिठुरने लगा

Fri, 30 Dec 2016 11:32 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर

सार

- दिन में छाया कोहरा, विजिबिलिटी घटी
- अगले 48 घंटे तक ऐसे ही रहेगा मौसम
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डेमो
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विस्तार
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इन दिनों कानपुर में 'सर्दी के सितम' में दो चार होते लोगों को देख इस आलम पर ये लाइन जहन में आती है... 'सूरज हुआ मद्धम,शहर ठिठुरने लगा'... दरअसल दिनभर लोग धूप की एक झलक पाने को तरस रहे हैं। हाड कपकपाने वाली सर्दी से सभी की परेशानी बढ़ रही है। लोगों को अपने रोजमर्रा के कामकाज करने के लिए जब घर से बाहर निकलना होता है तो सबसे पहले इस गलन भरी ठंड का सामना करना पड़ता है।      
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उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आने वाली पछुआ हवाओं ने गुरुवार को सर्दी एकदम से बढ़ा दी। एक दिन में ही दिन का पारा सात डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। जो पारा बुधवार को 22.6 डिग्री था, वह गुरुवार को 15.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। रिकॉर्ड के मुताबिक अधिकतम पारे में यह इस सीजन की सबसे बड़ी गिरावट है।
 

एक दिन में ही दिन का पारा सात डिग्री सेल्सियस लुढ़का

डेमो
इससे पहले पांच डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई थी। पछुुआ हवाएं 5.9 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं, इस वजह गलन बढ़ गई। वातावरण में सुबह की नमी 100 फीसदी हो गई है। दोपहर की नमी 85 फीसदी है। रात का पारा (10.7 डिग्री सेल्सियस) सामान्य के आसपास है। अगले 48 घंटे तक ऐसा ही मौसम रहेगा।

 
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धुंध अभी और बढ़ेगी

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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर तक धुंध छाई रहेगी। हल्की धूप की उम्मीद है लेकिन सर्दी से राहत नहीं मिलेगी। पारा और नीचे जा सकता है। जनवरी के पहले सप्ताह में अच्छी सर्दी पड़ने की उम्मीद की जा सकती है। दो जनवरी तक बारिश के आसार कम हैं।

​नमी बढ़ने और कोहरा छाने का असर फसलों पर पड़ सकता है। आलू, मटर, चना और अरहर की फसलों में रोग, कीट लगने की संभावना है। इसको देखते हुए ही कृषि विज्ञानियों ने दवा के छिड़काव की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि खेतों में हल्की नमी बनाए रखें। मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो गेहूं की फसलें प्रभावित होंगी। फसलों का जमाव कम होगा। इसका सीधा असर प्रोडक्शन पर पड़ता है।    
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