फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत: कोरोना से जीते...अब श्वसन तंत्र हरा रहा, मौसमी वायरल संक्रमण दे रहा निमोनिया, इन बातों का रखें ध्यान

Sat, 15 Feb 2025 11:47 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: डॉ. कटियार ने बताया कि इस तरह की स्थिति वाले रोगियों को लॉन्ग कोविड श्रेणी में रखा गया है। इनके लिए सामान्य वायरल संक्रमण जटिल होकर लंबे समय तक खिंचता है। फेफड़ों के कमजोर होने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होने से ऐसा हो रहा है।
विज्ञापन
सांस की समस्या - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में कोरोना विजेताओं में मौसमी वायरल संक्रमण सांस तंत्र की जटिलताएं पैदा कर रहा है। कोविड से रोगी ठीक तो हो गए लेकिन उनका सांस तंत्र कमजोर पड़ गया है। रेस्पेरेटरी सिंसिटियल, एडिनो और इंफ्लुएंजा वायरस के संक्रमण से रोगियों की सांस की नली में सूजन आ रही है और फेफड़ों की झिल्ली में पानी भर जा रहा है। साथ ही निमोनिया हो रहा है। हैलट में आने वाले सांस तंत्र के रोगियों की हिस्ट्री ली गई तो उनमें अधिकतर कोरोना विजेता निकल रहे हैं।

विज्ञापन

विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य मौसमी वायरल संक्रमण से कोरोना विजेता अधिक संवेदनशील हो गए हैं। हैलट समेत अन्य अस्पतालों में 10 हजार कोरोना विजेता पंजीकृत हैं। मौसमी वायरल संक्रमण में रोगियों की अस्थमा अटैक जैसी हालत हो जाती है। फेफड़ों की झिल्ली प्ल्यूरा में पानी उतर आता है। न्यूमोनाइटिस हो जाता है और शरीर का ऑक्सीजन लेवल घटने लगता है। नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजीशियन के सेंट्रल जोन चेयरमैन और सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. एसके कटियार का कहना है कि कोरोना के दीर्घकालीन प्रभाव पर नजर रखी जा रही है। जिन रोगियों के फेफड़ों में कोरोना से क्षति हुई है, उनमें जटिलताएं बढ़ जाती हैं।

सांस तंत्र कमजोर हो, तो जटिलताएं बढ़ जाती हैं
डॉ. कटियार ने बताया कि इस तरह की स्थिति वाले रोगियों को लॉन्ग कोविड श्रेणी में रखा गया है। इनके लिए सामान्य वायरल संक्रमण जटिल होकर लंबे समय तक खिंचता है। फेफड़ों के कमजोर होने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होने से ऐसा हो रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग अभियान प्रभारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि रेस्पेरेटरी सिंसिटियल और एडिनो वायरस का सांस तंत्र पर असर होता है। सांस तंत्र कमजोर हो तो जटिलताएं बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन

कोरोना विजेता इन बातों का रखें ध्यान
  • मास्क लगाकर बाहर निकलें।
  • बेवजह भीड़भाड़ वाले इलाकों में न जाएं।
  • किसी को जुकाम-खांसी हो तो उससे दूरी बनाएं।
  • बाहर से आने पर साबुन से हाथ धोएं।
  • जुकाम जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
  • कोविड गाइडलाइन का पालन करें।
  • डॉक्टर की सलाह पर योग, प्राणायाम करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें