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सरल होगा कंपनी एक्ट

Wed, 03 Feb 2016 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स की ओर से गठित कमेटी ने कंपनी एक्ट-2013 की जटिलताओं को कम करने के लिए इसकी 78 धाराओं में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है।
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महीने भर में इन पर अमल करते हुए नया संशोधन लागू करने की उम्मीद है। यदि ऐसा हुआ तो कंपनी एक्ट में करीब 100 तरह के बड़े बदलाव होंगे। इससे कारपोरेट सेक्टर को बड़े लाभ होंगे।

कंपनी सेक्रेटरी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी एक्ट-2013 को लागू करने में कई तरह की समस्याएं आ रही थीं। लगातार परेशानियां झेलने के बाद एक्ट का विरोध हुआ और इसमें संशोधन की मांग हुई।
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इस पर मिनिस्ट्री ने 4 जून 2015 को सेक्रेटरी तपन रे की अध्यक्षता में कमेटी गठित की। इसमें इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ आईसीडब्ल्यूए और फिक्की के सदस्य भी शामिल रहे।

कमेटी के पास दो हजार से अधिक सुझाव आए। कई स्तर पर विचार करने के बाद एक फरवरी को संशोधन का प्रस्ताव भेजा गया।

ये होंगे बदलाव
प्रबंधन का वेतन जारी करने में शेयरधारकों की भी अनुमति जरूरी aएसोसिएट और सब्सिडियरी कंपनी के निर्धारण में केवल इक्विटी शेयर का हिस्सा
अंश पूंजी प्राप्त करने के लिए कागजी काम में दी जाएगी ढिलाई
कंपनी इन कारपोरेशन के प्रावधानों में सरलता लाना
कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट की फाइलिंग बिना फीस के

7 को कानपुर में होगा सेमिनार
इन सुधारों के बारे में कंपनी सचिवों और प्रोफेशनलों को जानकारी देने के लिए सात फरवरी को आईसीएसआई के पूर्व प्रेसिडेंट और समिति के सदस्य अतुल मेहता कानपुर आ रहे हैं। इनके अलावा सेंट्रल काउंसिल के सदस्य रंजीत पांडेय और मनीष गुप्ता सूचीबद्ध कंपनियों के बारे में जानकारी देंगे।

एमएसएमई एप से लें उद्योगों की जानकारी
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) ने मोबाइल एप mymsme लांच कर दिया है। इसके माध्यम से यूपी के 10 लाख संगठित, असंगठित क्षेत्र के उद्योगों की जानकारी हासिल की जा सकती है। नए उद्योगों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी मोबाइल एप पर उपलब्ध है।

इसे डाउन लोड करके केंद्र सरकार की योजना और अनुदान सहित तमाम जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह जानकारी एमएसएमई के निदेशक संजीव चावला ने दी है। वह कानपुर यूनिवर्सिटी के आईबीएम में आयोजित उद्यमिता विकास की दो साप्ताहिक कार्यशाला के समापन समारोह में बोल रहे थे।

एमएसएमई और आईबीएम कानपुर यूनिवर्सिटी ने उद्यमिता विकास पर कार्यशाला कराई। बुधवार को स्टूडेंटों ने फजलगंज स्थित एक पेंट फैक्ट्री का दौरा भी किया और प्रोडक्शन सहित तमाम तकनीकी जानकारी हासिल की। देर शाम आईबीएम हॉल में कार्यशाला का समापन हुआ।

इसमें एमएसएमई निदेशक ने कहा कि अब उद्योगों की मदद से पढ़ाई कराने की जरूरत है। मैनेजमेेंट इंस्टीट्यूट के 20 फीसदी शिक्षक उद्योगों से रखे जाएं, तभी अच्छा नतीजा सामने आ सकेगा। एमएसएमई इस दिशा में अच्छा काम कर रहा है। अब ट्रेडिशनल और नॉन ट्रेडिशनल उत्पादों की मांग बढ़ी है। इसे देखते हुुए उद्योग स्थापित करने की जरूरत है।

इस दौरान 25 स्टूडेंटों को प्रमाण पत्र दिए गए। कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. विवेक सचान ने किया। इस मौके पर डायरेक्टर प्रो. मुकेश रंगा, प्रो. आरसी कटियार, प्रो. संजय श्रीवास्तव, प्रो. सिधांशु राय, डॉ. मृदुलेश सिंह और डॉ. अखिलेश दीक्षित मौजूद रहे।

सीएलई में लाइव वर्कशॉप कल
कानपुर (ब्यूरो)। चेन्नई में तीन से पांच फरवरी तक होने वाली 19वीं इंटरनेशनल टेक्निकल फुटवियर कांग्रेस का लाइव प्रसारण कानपुर में एचबीटीआई स्थित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) के रीजनल ऑफिस में किया जाएगा।

सीएलई के रीजनल डायरेक्टर उज्जवल घटक ने बताया कि सेमिनार में फ्रांस, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान और तंजानिया जैसे प्रमुख चमड़ा उत्पादक देशों से 25 से अधिक विषय विशेषज्ञ चमड़ा उत्पादन के बारे में नई टेक्नोलॉजी, डिजायनिंग और नई खोजों के बारे में बताएंगे।

यह सेमिनार कानपुर और उन्नाव के चमड़ा उत्पादकों, निर्यातकों, इससे ज़ुड़े कारीगरों, स्टूडेंटों और फैकल्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया विजन को भी मदद मिलेगी। सेमिनार 4 फरवरी को सुबह 9:30 से 5:30 बजे तक और 5 को 8:45 से 1:10 बजे तक होगा।

एक करोड़ रुपये की सुपाड़ी का दावेदार नहीं
कानपुर (ब्यूरो)। वाणिज्यकर विभाग की सचल दल इकाई की ओर एक सप्ताह पूर्व घाटमपुर में पकड़ी गई एक करोड़ रुपये की सुपाड़ी का अभी तक कोई दावेदार नहीं आया है। असिस्टेंट कमिश्नर (सचल दल प्रथम इकाई) रुद्र शेखर और अनिरुद्ध सिंह की टीम ने 25 जनवरी को घाटमपुर और पतारा के बीच दो ट्रक में लदी 360 क्विंटल सुपाड़ी पकड़ी थी।

माल की कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई थी। ट्रक चालकों के पास परमिट के लिए जरूरी फार्म-38 भी नहीं था। सुपाड़ी की इस खेप को भी नागपुर से बनारस जाना दिखाया गया था। अभी तक सुपाड़ी लदे दोनों ट्रक वाणिज्यकर कार्यालय में ही खड़े हैं।

पकड़ी सवा करोड़ की सुपाड़ी
कानपुर। वाणिज्यकर विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोमवार देर रात बिना प्रपत्रों के नागपुर से आ रही 400 क्विंटल सुपाड़ी पकड़ी है। दो ट्रकों में लदे माल की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये आंकी गई है।

दोनों ट्रकों के चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। अधिकारी माल भरे ट्रक को वाणिज्यकर कार्यालय ले आए हैं। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 प्रमोद कुमार द्विवेदी को सूचना मिली कि घाटमपुर-जहानाबाद रोड से बिना प्रपत्रों की सुपाड़ी आ रही है। इस पर एसटीएफ को रात में ही रवाना किया। घाटमपुर, मूसानगर और जहानाबाद मार्ग पर कई जगह नाकाबंदी की गई।

रात करीब दो बजे घाटमपुर के पास हाईवे पर घिरने के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग गए। एसटीएफ के इंचार्ज खंड अधिकारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि माल बिना रोड परमिट (फार्म-38, माल आयात करने का वैध प्रपत्र) के आ रहा था।
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 गाड़ी में बनारस की फर्म का बिल मिला है। उसका सत्यापन किया जा रहा है। टीम में रुद्रशेखर राय, लल्लन यादव, अवध पटेल निजामुद्दीन भी शामिल रहे।
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