हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) लांच किया है। यह ऐसा सिस्टम है जिसने इंटरनेट बैंकिंग को आसान कर दिया है। मसलन अब मनी ट्रांसफर करने के लिए एफसीआई कोड जैसे अन्य झंझटों का सामना नहीं करना पड़ेगा। बस जरूरत होगी तो एक वर्चुअल प्राइवेट एड्रेस (वीपीए) की। इस एड्रेस के जरिए कुछ सेकेंड में ही एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में आसानी से पैसा ट्रांसफर हो जाएगा। मनी ट्रांसफर के इस यूपीआई सिस्टम की सिक्योरिटी का जिम्मा हैकिंग की दुनिया में बड़ी शोहरत कमाने वाले साकेत मोदी और उनकी टीम को दिया गया है। रविवार को उन्होंने यह बातें आइआइटी में पत्रकारों से बातचीत में बताई।
खुद बना सकते हैं वीपीए
वीपीए यानी वर्चुअल प्राइवेट एड्रेस आप खुद ही बना सकते हैं। इसे यूपीआई की वेबसाइट पर जाकर क्रिएट करनी होगी। साकेत मोदी ने इस नए सिस्टम को देश के लिए बड़ी कामयाबी बताई। कहा कि दुनिया हमारी तरफ देख रही है। हम तेजी से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।
डिजिटल के साथ चोरी भी बढ़ेगी
साकेत ने कहा कि दुनिया डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है। इसलिए उसके साथ -साथ आनलाइन क्राइम भी बढ़ेगा। यह सबकुछ होता है हैकिंग के जरिए। इसलिए मौजूदा दौर में एथिकल हैकिंग की डिमांड काफी बढ़ गई है। उन्होंने लोगों से आनलाइन चोरी के लिए सतर्क रहने की सलाह भी दी।
खूब हुईं सामाजिक बातें
तीन दिनों तक चले ई-समिट का आखिरी दिन पूरी तरह से एंटरप्रन्योरशिप पर रहा। समापन समारोह में की-नोट साकेत मोदी और ईए स्पोर्ट्स इंडिया के डायरेक्टर सचिन नायक ने पढ़ा। दोनों ने आईआईटीयंस को अपने कदम एंटरप्रन्योरशिप और स्टार्ट अप की तरफ बढ़ाने के लिए मशवरा दिया। कहा कि आप नौकरी देने वाले बनो, पाने वालों की कमी नहीं है।