गहरौलीखुर्द में शहीद पिता को श्रद्धांजलि देता चार वर्षीय पुत्र उत्कर्ष।
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बुधवार को जहां पूरे देश में सुहागिनें अपने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखकर पूजन अर्चन की तैयारी में लगी थीं। वहीं शहीद की विधवा के सामने उसके शव को मुखाग्नि दी गई। जिससे देखकर मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
मौदहा विकासखंड के गहरौली खुर्द गांव निवासी नरेश कुमार पाल का बीते दस वर्ष पूर्व सुमेरपुर विकासखंड के चंदपुरवा गांव निवासी शशिप्रभा के साथ शादी हुई थी। उसके एक सात वर्षीय पुत्री शिवांगी व चार वर्ष का पुत्र उत्कर्ष है। सेना में नौकरी के कारण नरेश घर का मुंह कम ही देख पाया। नरेश की नौकरी 2002 में लगी थी। पिछली बार वह अगस्त में घर आया था और नवंबर में घर आने को कहकर गया था। मगर शशिप्रभा को क्या पता कि अबकी करवाचौथ पर पति नहीं बल्कि उनका पार्थिव शरीर लौटेगा।
उत्कर्ष को तिरंगा सौंपते ही नम हुईं आंखें
सेना के जवानों ने शहीद नरेश कुमार पाल के पुत्र उत्कर्ष को वह तिरंगा सौंपा, जिसे ताबूत के साथ सेना लाई थी। यह दृश्य देख वहां खड़े लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। अबोध बालक के नन्हें हाथों ने जो अपने चाचा की गोद में था, इस राष्ट्रीय ध्वज को संभाला। इस दृश्य को देख माहौल गमगीन हो गया।