कमिश्नर आवास पर आयोजित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की बैठक में भाग लेते अधिकारी ।
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कानपुर। अतिक्रमण एक ऐसी समस्या है जिससे हर आम-ओ-खास पीड़ित है। जाम की सबसे बड़ी वजह यही है फिर भी शहर में इस समस्या से निपटने के गंभीर प्रयास होते नहीं दिखते। कमिश्नर-डीएम कई बैठकें कर चुके, पहले के अधिकारी भी यही करते रहे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। शासनादेश में बिलकुल स्पष्ट है कि अतिक्रमण के लिए क्षेत्रीय थानेदार जिम्मेदार होंगे। हटाने के बाद दोबारा अतिक्रमण हो तो एफआईआर दर्ज कराकर कब्जा करने वाले को जेल भेजा जा सकता है।
ऐसे में सवाल यह है कि जब स्पष्ट आदेश हैं तो बार-बार सिर्फ बैठक क्यों होती है, पुलिस की जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई क्यों नहीं होती। जनता से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर ‘अमर उजाला’ यह सवाल उठा रहा है कि बार-बार बैठक क्यों, कार्रवाही क्यों नहीं। अगर पुलिस चाह ले तो अतिक्रमण हो ही नहीं सकता पर पुलिस चाहती नहीं, क्यों? ये सब जानते हैं। बिलकुल स्पष्ट है कि यदि बड़े अधिकारी चाह लें और कानून का डंडा चल जाए तो कब्जे होंगे ही नहीं और पब्लिक को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
75 चौराहों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
कानपुर (ब्यूरो)। कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने शुक्रवार को शहर में जल्द से जल्द इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में मौजूद संस्था प्राइज वाटर कूपर (पीडब्लूसी) से इसमें सुधार के लिए सुझाव देने को कहा गया। पीडब्लूसी कानपुर सहित प्रदेश के 11 शहरों का यातायात संबंधी सर्वे कर चुकी है। केडीए ने हैदराबाद की तर्ज पर शहर के 75 चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का खाका खींचा है। दिल्ली की कंपनी ओनेक्स को 32 करोड़ रुपये से इस सिस्टम को तैयार करने का ठेका दिया है। शुक्रवार को कमिश्नर कैंप कार्यालय में ओनेक्स कंपनी के प्रतिनिधि जितेंद्र कौशिक ने इस सिस्टम का प्रस्तुतीकरण किया। बताया कि इसमें सर्विलांस सिस्टम नहीं लगेगा क्योंकि उससे लागत काफी बढ़ रही थी। यदि बाद में धनावंटित होगा तो इसमें सर्विलांस सिस्टम भी लग जाएगा। बैठक में शामिल केडीए के मुख्य अभियंता सरवत अली ने बताया कि पीडब्लूसी दो-चार दिन में अपने सुझाव दे देगी। उन पर गौर करते हुए जल्द ही चौराहों पर नया सिस्टम लागू किया जाएगा। डीएम, केडीए वीसी, एडीएम (सिटी) शामिल रहे।
साहब की नजर साइकिल पर
कानपुर (ब्यूरो)। अतिक्रमण पर कमिश्नर की ओर से शुक्रवार को बुलाई गई बैठक केवल ‘सरकार’ के साइकिल ट्रैक और विकास नगर डिपो की जमीन से अवैध कब्जे हटाने तक सीमित रही। कमिश्नर ने कैंप कार्यालय में बुलाई गई बैठक में विकास नगर डिपो की जमीन पर अवैध कब्जों पर कड़ी नाराजगी जताई। तुरंत अतिक्रमण हटाने को कहा। वहां अवैध कब्जे कराने वाले परिवहन निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एडीएम, नगर निगम और केडीए को निर्देश दिए कि गुरुदेव से चिड़ियाघर रोड के साइकिल ट्रैक सहित अन्य मार्गों से अतिक्रमण तुरंत हटवाएं। कहा, मेट्रो रेल के लिए पाॅलीटेक्निक की 10 एकड़ जमीन हस्तांतरित हो चुकी है। केडीए वहां मेट्रो रेल डिपो का निर्माण कराए। नाला भी साफ कराए। कमिश्नर के अनुसार नवीन मार्केट में बनी पार्किंग को हटाकर नए नक्शे से केडीए पार्किंग बनवाए। वहां जनता की इच्छा के अनुरूप पार्किंग बने। अतिक्रमण हटे। बैठक में डीएम, केडीए वीसी, एडीएम (सिटी), उच्च स्तरीय विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।