पुखरायां। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास शट डाउन लेकर विद्युत लाइन में फाल्ट ठीक करते समय अचानक करंट प्रवाहित हो गया। करंट लगने से संविदा लाइनमैन झुलस कर खंभे से नीचे गिर गया। आसपास मौजूद साथी व लोगों ने उसे देवीपुर सीएचसी पहुंचाया, जहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में कर्मचारी की मौत हो गई। वहीं पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहदियापुर गांव निवासी कैलाश ने बताया कि बेटा बृजेश (35) अकबरपुर परिक्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र असेवा मुतैहरापुर में संविदा लाइनमैन था। वहीं, नलकूप की लाइन का काम उसका साथी संविदा लाइनमैन चमन देखता था।
गोपालपुर गांव के नलकूप की विद्युत लाइन में फाल्ट हो जाने से सप्लाई ठप हो गई थी। इस पर चमन अपने साथ बेटे बृजेश को लेकर गया था। इस दौरान शट डाउन लेकर चमन ने बृजेश से खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक करने को कहा।
जब बृजेश फाल्ट ठीक कर रहा था तभी अचानक करंट प्रवाहित होने लगा। इससे तेज आवाज के साथ बेटा झुलस कर खंभे से नीचे गिर गया। इस पर आसपास मौजूद लोग उसे लेकर देवीपुर सीएचसी पहुंचे।
वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉ. विकास कुमार ने उसे कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। हैलट पहुंचते ही पुत्र की मौत हो गई। सूचना पर भी विद्युत विभाग से कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते पत्नी मनीषा और परिजन बिलखने लगे। परिजनों ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कानपुर में कराया गया। बृजेश के दो बेटे और तीन बेटियां हैं।
संविदा कर्मचारी शटडाउन लेकर काम कर रहे थे। किसी दूसरी लाइन का तार इस लाइन में छूने से करंट प्रवाहित हो गया। अवर अभियंता को मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। - कुलदीप यादव, अधिशासी अभियंता
उपकेंद्र छोड़कर चले गए कर्मचारी, 30 गांवों की सप्लाई ठप
घटना की जानकारी के बाद विद्युत उपकेंद्र असेवा-मुतैहरापुर के कर्मचारी दफ्तर छोड़कर चले गए। इससे क्षेत्र के करीब 30 गांवों की सप्लाई ठप हो गई। बिजली न आने से गिरदौं, गोपालपुर, अकबरनगर, नारायनपुर, सहाबापुर, जगदीशपुर, मोहम्मदपुर, आसलापुर, मलासा, उमरिया, सरौटा प्रथम, सरौटा द्वितीय, सरौटा तृतीय, कछगांव, असेवा, मुतैहरापुर, मोहदियापुर, सिहारी सहित 30 गांवों के लोग परेशान रहे।
क्षेत्र निवासी राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, राजेश, आदित्य, मुकेश, सौरभ, विमल सहित ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। इसके बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। घटना के बाद सप्लाई बंदकर कई गांवों के लोगों को परेशानी में डाल दिया गया। वहीं अधिकारी किसी का फोन भी नहीं उठा रहे हैं।