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Kanpur News: मालखाने में जमा रहेगा या लखनऊ जाएगा कटा हाथ... कोई नहीं जानता

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कानपुर। आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी का कटा हाथ रेलबाजार थाने के मालखाने में रखा है। केमिकल से संरक्षित यह कटा हाथ आइस बॉक्स में है। इसे जांच के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दिया गया था हालांकि बिना जांच इसे वापस रेलबाजार पुलिस को सौंप दिया गया।
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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य का तर्क है कि उनके पास हिस्टोपैथालॉजी जांच के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में अब कटा हाथ जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा या विवेचना चलने तक मालखाने में जमा रहेगा...इसका जवाब न तो स्वास्थ्य विभाग के पास है और न पुलिस के।

महाराजपुर में तैनात आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां का कटा हाथ अब केवल मेडिकल लापरवाही तक सीमित नहीं रह गया है। बल्कि यह जांच प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर सवाल खड़े कर रहा है। 21 दिन पहले काटे गए हाथ को लेकर न तो स्वास्थ्य विभाग यह तय कर पाया कि गलती किसकी है और न पुलिस। जांच-पड़ताल के खेल में उलझा हाथ अब रेलबाजार थाने के मालखाने में रख दिया गया है। थाना पुलिस इसकी जांच कराने के बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीं, लखनऊ से इस मामले को लेकर की जा रही पूछताछ ने पुलिस के उच्चाधिकारियों की नींद भी उड़ा रखी है। पुलिस के उच्चाधिकारियों की माने तो मामला चिकित्सा से जुड़ा है ऐसे में इसमें लापरवाही हुई है या नहीं। इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग ही स्पष्ट रिपोर्ट दे सकता है। हालांकि इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फाॅरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉ. राहुल सचान ने बताया कि आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां का कटा हाथ चार-पांच दिन तक बर्फ में रखने से काफी डैमेज होने की आशंका है। सटीक जांच के लिए उसे तत्काल बहुत ज्यादा नमक वाले पानी के घोल में प्रिजर्व करना चाहिए था। फार्मेलिन में डालने से भी टिश्यू डैमेज होने की आशंका है। ऐसी स्थिति में नेक्रोसिस का पता चल सकता है।


हाथ के किस हिस्से के मांस के टुकड़े जांच के लिए सुरक्षित किए जाने हैं यह अभी तक निर्धारित नहीं है। हिस्टोपैथालॉजी जांच कराने की बात तो कही जा रही है ऐसे में यह भी स्पष्ट करना होगा कि हाथ के किस हिस्से से नमूने लिए जाएं। इसका जिक्र प्रोविजनल फॉर्म में भरना होगा।

कोट:::
इस मामले में मैं कुछ भी नहीं कह सकता जो पूछना है उच्चाधिकारियों से पूछिए। - अमान सिंह, इंस्पेक्टर रेलबाजार


हम कटे हाथ की जांच नहीं कर पाएंगे। इसके लिए पुलिस लखनऊ से संपर्क करे। - डॉ. संजय काला, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, प्राचार्य




नेक्रोसिस क्या है
शरीर के किसी ऊतक (टिश्यू) या कोशिकाओं की असामान्य और अनियंत्रित मृत्यु को नेक्रोसिस कहते हैं। यह तब होती है जब किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति रुक जाए या गंभीर चोट लगे। इसके अलावा संक्रमण होने, विषैले रसायनों का प्रभाव पड़ने या किसी बीमारी के कारण ऊतक नष्ट होने पर भी नेक्रोसिस कहते हैं।
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