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कोरोना महामारी में बस्ती खाली कर कहां जाएं

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रेलवे की जमीन पर बसा मोहल्ला राजीव नगर खंती - फोटो : SHUKLGANJ
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शुक्लागंज। राजीव नगर खंती में रहने वाले हजारों परिवारों के लोग जमीन खाली करने की नोटिस मिलने के बाद से दहशत में है। कई परिवार ऐसे है जो किसी झंझट में नहीं पड़ना चाहते है और उन्होंने घर तलाशने शुरू कर दिए है। लोगों का कहना रहा कि कोरोना महामारी में आखिरकार बस्ती खाली कर कहां जाएंगे। जमीन खाली करा रेलवे यहां पर स्टेशन का विस्तार करने के साथ ही यार्ड बनाने की योजना में है।
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ज्ञात हो कि शनिवार को सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) रामनरेश ने राजीव नगर खंती में अवैध रूप से रह रहे लोगाें के घरों के बाहर जमीन खाली का निर्देश देकर रेलवे पुलिस के सहयोग से घरों में नोटिस चस्पा कराई थी। जिसमें खंती को 20 सितंबर तक खाली करने का समय दिया गया, ताकि वह खुद ही बस्ती छोड़ दें नहीं तो 21 सितंबर को रेलवे बलपूर्वक अपनी जमीन खाली कराएगा। नोटिस चस्पा होने के बाद से खंती में रहने वाले लोगाें में दहशत का माहौल है। लोगों का दिन रात का सुकून और चैन छिन गया है।
इम्तियाज, मुन्ना, भोला, मो. अहमद, पप्पू, राकेश, जमुना देवी, सुमन ने बताया कि कोरोना संक्रमण चल रहा है ऐसे में घर खाली कराया जाएगा तो वह कहां जाएंगे। खाली कराने से पहले सरकार लोगाें को रहने को घर दे तो लोग खुद ही जगह खाली कर देंगे। राजीव नगर में रहने वाले शादाब, सलमा, आलिया ने बताया कि दहशत के कारण दिन रात का चैन और सुकून छिन गया है। रोज-रोज की हायतौबा से परेशान होने से अच्छा है कि विकल्प तलाशा जाए जिसके चलते वह दूसरी जगह घर तलाश करने में जुट गए है। वहीं कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आईओडब्ल्यू शैलेंद्र कुमार ने बताया कि रेलवे द्वारा एक और रेल गंगापुल बनाने के साथ ही गंगाघाट रेलवे स्टेशन के इसी खंती की जमीन पर रेलवे यार्ड बनाने के साथ ही रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण करने की योजना है।
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पांचवीं बार दी गई नोटिस
बताते चलें रेलवे द्वारा पांचवीं बार राजीव नगर खंती में रहने वाले लोगों को बस्ती खाली करने के लिए नोटिस दी गई है। इसके पूर्व चार बार नोटिस दी गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुईं। हर बार पर्याप्त पुलिस बल न होने की बात कहकर रेलवे के अधिकारियों ने कार्रवाई टाल दी।
राजनीति के फेर में फंसती है कार्रवाई
रेलवे विभाग के कुछ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राजीव नगर खंती को खाली कराना इतना आसान नहीं है। क्याेंकि खंती में आमजन के बीच अपराध और राजनीति से जुड़े कई लोग भी रहते है। जिनकी पकड़ सत्ता पक्ष से कई नेताओं से है। बोले कि जब भी चुनाव नजदीक आते है तभी रेलवे नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई करता है। ऐसे में वोट बैंक न सरक जाए जिसके चलते कार्रवाई टाल दी जाती है।
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